रांची, जासं। Smart City Ranchi रांची स्मार्ट सिटी में कालेज, अस्पताल समेत अन्य विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना स्थापित करने के लिए अब तक 12 कंपनियां तैयार हुई हैं। इनके अधिकारियों ने रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र का जायजा लिया है। साथ ही रांची स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के अधिकारियों से बात कर नीलामी की प्रक्रिया की जानकारी ली है। गौरतलब है कि आधारभूत सरंचना को विकसित करने के लिए यहां 52 भूखंडों की नीलामी हो रही है। इन पर स्कूल, कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कालेज व अस्पताल आदि खोलने के लिए आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

इसके लिए कंपनियों को आकर्षित करने के लिए रांची स्मार्ट सिटी कारपोरेशन विभिन्न शहरों में इनवेस्टर समिट का आयोजन कर रहा है। यह समिट दिल्ली और मुंबई में आयोजित किया गया है। अब कारपोरेशन झारखंड के निवेशकों को इस नीलामी प्रक्रिया के प्रति आकर्षित करने की कवायद शुरू कर रहा है। रविवार को धनबाद में भी यह समिट आयोजित किया गया है। 

कुल 646 एकड़ में स्थापित होगी आधारभूत संरचना

स्मार्ट सिटी क्षेत्र में कुल 656 एकड़ जमीन पर विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के साथ शहर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। यहां आधारभूत संरचना का काम अंतिम दौर में है। यही वजह है कि स्मार्ट सिटी कारपोरेशन की ओर से प्लॉट की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वर्तमान में आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, हॉस्पिटैलिटी, होटल, मिक्स यूज इत्यादि क्षेत्रों के लिए कुल 52 बड़े प्लॉट्स की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 

रांची स्मार्ट सिटी में क्या है खास

लगभग 650 एकड़ जमीन में बस रही ग्रीन फील्ड स्मार्ट सिटी का 37 फीसद क्षेत्र ओपन स्पेस होगा, जहां रोड, ड्रेनेज, पार्क, सीवरेज और पौधारोपण होगा। बाकी बची जमीन को अलग-अलग क्षेत्र जैसे शैक्षणिक, आवासीय व्यावसायिक, होटल उद्योग, अस्पताल इत्यादि के लिए चिन्हित किया गया है। 

यहां यह विशेषताएं भी होंगी

  • - निर्बाध जलापूर्ति के लिए 12 एमएलडी वाटर सप्लाई की डेडिकेटेड पाइपलाइन, जलाशय और धुर्वा डैम स्थित वाटर फिल्टर सेंटर में एक अतिरिक्त फिल्टर बेड का निर्माण कराया गया है।
  • - नए शहर की सड़कें नौ मीटर से लेकर 45 मीटर तक चौड़ी होंगी। शहर में कोई भी ओवरहेड वायर नहीं रहेगा।
  • - इलाके से गुजरने वाली दो नदियों के संरक्षण के लिए रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की योजना पर काम चल रहा है।
  • - जल संरक्षण के लिहाज से सभी बिल्डिंग में वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य होगी।
  • - घर से निकलने वाले ड्रेन वाटर के ट्रीटमेंट की व्यवस्था की गई है।
  • - नए शहर में अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर विशेष फोकस किया गया है।

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