यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ranchi News: रिम्स को नहीं मिल रहे सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, 30 विभागों के लिए नहीं आया कोई उम्मीदवार
RIMS Recruitment रिम्स रांची को सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। हाल में ही इनकी नियुक्ति के लिए हुए ...और पढ़ें

HighLights
- साक्षात्कार के लिए कुल पदों की तुलना में 43 प्रतिशत ही पीजी पास छात्र पहुंचे
- मेडिसिन के 10 पदों के लिए एक भी उम्मीदवार नहीं आया, सिर्फ 23 एसआर चयनित हुए
160 पदों के लिए 83 उम्मीदवार इंटरव्यू देने पहुंचे
रिम्स से पीजी करने वाले रिम्स से नहीं कर पाते एसआरशिप
सरकारी बांड के अनुसार पीजी के बाद इन छात्रों को तीन वर्ष के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवा देनी होती है, जो अनिवार्य किया गया है। अगर ये सेवा नहीं देते हैं तो इन्हें करीब 60 लाख रुपये का आर्थिक दंड देना होता है। ऐसी स्थिति में ये चाह कर भी अपने संस्थान से एसआर पद के लिए ज्चाइन नहीं कर सकते।
ऐसी स्थिति में रिम्स के पास झारखंड में कोई ऐसा मेडिकल कालेज नहीं है, जहां से एसआर के लिए छात्र मिल सके। कुछ विभागों के लिए जमशेदपुर से छात्र आते हैं जबकि बिहार से कुछ छात्र मिल जाते हैं।
इससे देश के विभिन्न मेडिकल कालेजों के पीजी पास करने वाले छात्र यहां पर एसआर पद के लिए दिलचस्पी कम दिखाते हैं। उन्हें लगता कि यहां पर काम करने से उनका मूल्यांकन कम किया जाएगा। यहीं अगर वे लखनऊ, दिल्ली, कोलकाता, पटना जैसे मेडिकल कालेजों में काम करने पर ज्यादा प्रसिद्धि मिलेगी।
रिम्स पीआरओ डा. राजीव रंजन जानकारी देते हुए बताते हैं कि इसी वजह से एनाटामी विभाग में छह एसआर की जरूरत थी, जिसके लिए सिर्फ एक उम्मीदवार ही आया। इस तरह से अब पांच सीटें खाली रह गई है। जबकि रिम्स से पीजी किए हुए छात्रों को बांड के तहत उन सदर अस्पतालों में ड्यूटी दी जा रही है जहां पर एनाटामी की जरूरत तक नहीं है।
किन प्रमुख विभागों में नहीं आए एसआर
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