यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Nikay Chunav 2025: झारखंड में इस साल निकाय चुनाव होने की संभावना बढ़ी, तय हो सकता है OBC आरक्षण
झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद राज्य में नगर निकाय चुनाव की संभावना बढ़ गई ...और पढ़ें

HighLights
- आयोग में नियुक्ति से निकाय चुनाव की उम्मीद
- ओबीसी आरक्षण के कारण चुनाव लंबित
- वित्तीय आयोग ने चुनाव कराने का सुझाव दिया
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयाेग में अध्यक्ष और एक सदस्य का मनोनयन होने से राज्य में इस वर्ष नगर निकाय चुनाव होने की संभावना बढ़ा गई है। ओबीसी आरक्षण तय नहीं होने से अभी तक नगर निकाय चुनाव नहीं हो पा रहा था। अब आयोग में अध्यक्ष की नियुक्ति होने से इस प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। हालांकि, इस वर्ष निकाय चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त की शीघ्र नियुक्ति करनी होगी।
वर्तमान स्थिति यह है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने उच्च न्यायालय के आदेश पर ट्रिपल टेस्ट कराने के लिए सभी जिलों में सर्वेक्षण करा लिया है। जिला स्तर पर हुए इस सर्वेक्षण के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए निजी संस्थान की सेवा लेने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन आयोग में अध्यक्ष के पद रिक्त होने से ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पा रही थी।
अध्यक्ष की नियुक्ति होने से इस प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। ओबीसी आरक्षण तय होने के बाद नगर विकास विभाग चुनाव की अनुशंसा राज्य निर्वाचन आयाेग को करेगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग में मतदाता सूची तैयार करने, वार्डों के निर्धारण और ईवीएम की व्यवस्था जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। दशहरा तक ये सभी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं तो राज्य में नवंबर-दिसंबर में निकाय चुनाव हो सकता है।
योगेंद्र प्रसाद के पद छोड़ने के बाद रिक्त था अध्यक्ष का पद
राज्य सरकार ने बरकट्ठा के पूर्व विधायक जानकी यादव को झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष मनाेनीत किया है। साथ ही गिरिडीह के जोरासांख निवासी नरेश वर्मा को आयोग का सदस्य मनोनीत किया है। अध्यक्ष एवं सदस्य का मनोनयन तीन वर्ष के लिए हुआ है।
बताते चलें कि योगेंद्र प्रसाद द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद यह पद रिक्त था। उसके बाद इस पद पर किसी का मनोनयन नहीं हो सका था।
झारखंड में लंबित है निकाय चुनाव
झारखंड के 13 नगर निकायों में वर्ष 2020 से चुनाव नहीं हुए हैं। वहीं, 35 अन्य शहरी निकायों का कार्यकाल भी 2023 के मार्च-अप्रैल में समाप्त हो चुका है। ओबीसी आरक्षण पर निर्णय नहीं हो पाने के कारण अभी तक चुनाव नहीं हो सका है।
झारखंड हाई कोर्ट ने एक अवमाननावाद में चार माह के भीतर चुनाव कराने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं, जिसकी समय सीमा 16 मई को ही खत्म हो चुकी है। राज्य सरकार ने कोर्ट से चुनाव के लिए और समय मांगा है।
16वें वित्त आयोग ने भी शीघ्र चुनाव कराने का सुझाव
झारखंड में निकाय चुनाव नहीं होने से राज्य को अबतक 1600 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय राशि नहीं मिल सकी है। हाल ही में राज्य दौरे पर आए 16वें वित्त आयोग ने राज्य सरकार को शीघ्र निकाय चुनाव कराने का सुझाव दिया है। आयोग ने कहा कि निकाय चुनाव नहीं होने की स्थिति में अनुदान जारी नहीं किया जाएगा।
