एजेंसी का कार्यकाल खत्म! अब रांची नगर निगम खुद संभालेगा टैक्स वसूली; हर वार्ड के 500 बड़े बकायेदार होंगे निशाने पर
रांची नगर निगम अब स्वयं राजस्व वसूली की व्यवस्था संभालेगा, जिसके लिए अक्टूबर से प्रत्येक वार्ड में राजस्व संग्रहण शिविर ...और पढ़ें

रांची नगर निगम की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
अक्टूबर से हर वार्ड में राजस्व संग्रहण शिविर लगेंगे।
होल्डिंग टैक्स के 500 बड़े बकायेदारों की पहचान होगी।
जागरण संवाददाता, रांची। राजस्व संग्रहण से संबंधित एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब रांची नगर निगम स्वयं राजस्व वसूली की व्यवस्था संभालेगा।
इसे प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में राजस्व शाखा की समीक्षा बैठक हुई। इसमें वार्डवार राजस्व लक्ष्य निर्धारित करने, बकाया कर की वसूली तेज करने और निगम के आंतरिक राजस्व में वृद्धि को लेकर कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसमें बकाया होल्डिंग टैक्स की वसूली, नए भवनों व संरचनाओं का आकलन, पुनर्मूल्यांकन तथा ट्रेड लाइसेंस से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। प्रत्येक क्षेत्र में राजस्व की संभावनाओं का आकलन कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया।
हर माह वार्डवार 500 बड़े बकायेदारों की पहचान
नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह हर वार्ड में होल्डिंग टैक्स के शीर्ष 500 बकायेदारों को चिह्नित किया जाए। इसके बाद उनसे बकाया कर की वसूली के लिए लक्ष्य आधारित कार्रवाई की जाए। बड़े बकायेदारों पर विशेष ध्यान देने और राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने को कहा गया।
अक्टूबर से लगेंगे राजस्व संग्रहण शिविर
नागरिकों को स्थानीय स्तर पर कर भुगतान की सुविधा देने के लिए अक्टूबर से प्रत्येक वार्ड में राजस्व संग्रहण शिविर आयोजित किए जाएंगे। नगर आयुक्त ने डिजिटल माध्यम से कर भुगतान को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक नागरिकों को आनलाइन भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
सरकारी भूमि पर चल रहे प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस की होगी समीक्षा
बैठक में सरकारी भूमि पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित निर्गत ट्रेड लाइसेंस की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। ऐसे प्रतिष्ठानों के लाइसेंस की नियमानुसार जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यकतानुसार ट्रेड लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इसके अलावा निगम के स्वामित्व वाली दुकानों से बकाया किराये की वसूली के लिए भी विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। दुकानों के बकाया किराये का अद्यतन विवरण तैयार कर संबंधित बकायेदारों से नियमानुसार वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
नगर आयुक्त ने कहा कि निगम को वित्तीय रूप से सुदृढ़ और स्वावलंबी बनाने के लिए आंतरिक राजस्व में वृद्धि जरूरी है। एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब निगम स्तर पर राजस्व संग्रहण की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभानी होगी।
इसके लिए पदाधिकारी और कर्मचारी अधिक सक्रियता, जवाबदेही और परिणाम आधारित दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा कर क्षेत्रवार प्रगति के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, नगर प्रबंधक और राजस्व शाखा की टीम उपस्थित थी।
