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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ranchi Land Scam: निलंबित IAS छवि रंजन सहित दस पर चार्जशीट, ED ने 74.39 करोड़ मूल्य की जब्त किए दो भूखंड

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Tue, 13 Jun 2023 10:04 AM (IST)

सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर ...और पढ़ें

ईडी ने रांची में हुए भूमि घोटाले में कार्रवाई की है।
ईडी ने रांची में हुए भूमि घोटाले में कार्रवाई की है।

HighLights

  1. ED ने भूमि घोटाले से संबंधित 74.39 करोड़ रुपये की दो भूखंडों को जब्त किया है।
  2. ईडी ने सोमवार को अपनी विशेष अदातल में दस आरोपितों पर चार्जशीट दायर की है।
  3. ED को जांच में पता चला था कि झारखंड में भूमि माफिया का एक रैकेट सक्रिय है।

राज्य ब्यूराे, रांची। सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने सोमवार को निलंबित आईएएस अधिकारी छवि रंजन स‍हित रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन सहित दस आरोपितों पर चार्जशीट दायर की है।

ईडी ने दो भूखंडों को किया जब्‍त

ईडी ने सोमवार को इस मामले से संबंधित 74.39 करोड़ रुपये की दो भूखंडों को भी जब्त किया है। इन भूखंडों में सेना के कब्जे वाली रांची के बरियातू मौजा की 4.55 एकड़ जमीन, जिसका बाजार मूल्य करीब 41.51 करोड़ रुपये है व बाजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन, जिसका बाजार मूल्य 32.87 करोड़ रुपये है, शामिल हैं। दोनों भूखंडों की ईडी ने अस्थाई जब्ती की है।

ईडी ने दस आरोपिताें के खिलाफ दायर की चार्जशीट

ईडी ने सोमवार को अपनी विशेष अदातल में जिन दस आरोपितों पर चार्जशीट की है, उनमें 14 अप्रैल को गिरफ्तार बड़गाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, सेना के कब्जे वाली जमीन का फर्जी रैयत प्रदीप बागची, जमीन दलाल बरियातू के मिल्लत कालोनी निवासी रिम्स का कर्मी अफसर अली उर्फ अफ्सू खान, डोरंडा के मनी टोला का निवासी इम्तियाज अहमद, बड़ागाईं निवासी मोहम्मद सद्दाम हुसैन, तल्हा खान, फैयाज अहमद, चार मई को गिरफ्तार रांची के पूर्व उपायुक्त आइएएस छवि रंजन व सात जून को गिरफ्तार सेना के कब्जे वाली जमीन के खरीदार जगतबंधु टी इस्टेट के निदेशक दिलीप घोष व अमित अग्रवाल शामिल हैं।

इन पर आपसी मिलीभगत से मूल दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने व जालसाजी से रांची में जमीनों की खरीद-बिक्री के आरोपों की पुष्टि हुई है। ईडी ने अधिकृत बयान जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी है। ईडी ने दाखिल चार्जशीट में बताया है कि भू-राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भू-माफियाओं के पक्ष में फर्जी तरीके से इन भूखंडों का नामतरण किया गया है।

बरियातू थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर आगे बढ़ी ईडी की जांच

ईडी के अनुसार, रांची के बरियातू थाने में रांची नगर निगम ने सेना के कब्जे वाली जमीन के फर्जी रैयत पर जालसाजी कर जाली दस्तावेज पर दो-दो होल्डिंग लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसी प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर अपनी जांच को आगे बढ़ाई थी।

झारखंड में भूमि माफिया का एक रैकेट सक्रिय

ईडी की जांच में यह पता चला कि झारखंड में भूमि माफिया का एक रैकेट सक्रिय है, जो कोलकाता व रांची में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करता है। इसके बाद जाली दस्तावेज के आधार पर ऐसे भूखंडों को अन्य व्यक्तियों को बेच देता है। ईडी ने इस मामले में 41 ठिकानों पर छापेमारी की, पांच सर्वे किया।

ईडी ने इस छापेमारी में भूमि राजस्व विभाग की जाली मुहरें, जाली भूमि दस्तावेज, जालसाजों के बीच अपराध की कमाई के वितरण के रिकार्ड, जालसाजी करने संबंधित तस्वीरें, सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के सबूत को उजागर किया। इस मामले में सभी दसों आरोपित गिरफ्तार हुए, उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

ईडी ने झारखंड सरकार से साझा किए सबूत

ईडी ने छानबीन के बाद झारखंड सरकार के साथ बड़ागाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के खिलाफ मिले सबूतों को साझा किया। उक्त सबूतों के आधार पर रांची पुलिस ने सदर थाने में भानु प्रताप प्रसाद के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की है। ईडी ने मनी लांड्रिंग के तहत कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपित फैयाज खान के आवासीय परिसर से जाली मुहरों के सबूत भी साझा किए है।

फोरेंसिक जांच में हुआ था फर्जीवाड़े का खुलासा

ईडी ने विशेष अदालत की अनुमति से रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस कोलकाता और रांची के भू-राजस्व विभाग के मूल रिकार्ड की गांधी नगर स्थित फोरेंसिक साइंस निदेशालय से जांच कराई। इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच में फर्जीवाड़ा साबित हुआ।

ईडी के एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर रजिस्ट्रार आफ एश्योरेंस कोलकाता ने भी हेयर स्ट्रीट थाने में भारतीय दंड विधान की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहां की पुलिस भी जांच कर रही है। उक्त केस को भी ईडी ने अपने ईसीआईआर में संलग्न कर लिया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।