रांची, जासं। वाणिज्यिक खनन और सीएमपीडीआइ को कोल इंडिया से अलग करने के विरोध में एक बार फिर से संयुक्त मोर्चा के द्वारा 18 अगस्त को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके लिए कोयला उद्योग में कार्यरत संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने एक नोटिस भारत सरकार के कोल सचिव को भेज दिया है। इसके साथ ही मंगलवार को मोर्चा के नेताओं के द्वारा सीएमपीडीआइ और सीसीएल के सीएमडी को भी नोटिस दे दिया है।

गौरतलब है कि 18 अगस्त को ही वाणिज्यिक खनन की बीडिंग का आखिरी दिन है। इस संयुक्त मोर्चा की अगुवाई एके झा, मानस चटर्जी, महेंद्र सिंह, विनोद मिश्रा, एसएस डे, आरपी सिंह, प्रदीप कुमार सिन्हा, अशोक यादव आदि कर रहे हैं। हड़ताल को लेकर बुधवार को संयुक्त मोर्चा की बैठक भी हुई। इसमें कमांड एरिया और दोनों कंपनी मुख्यालय में चल रहे जन जागरूकता अधियान की समिक्षा की गयी। बैठक में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तय किया गया कि लोगों तक मोर्चा की बात पहुंचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा इलेक्‍ट्रॉनिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसमें वाट्सएप के माध्यम से लोगों को संदेश भी भेजे जा रहे हैं। सीटू के नेता आरपी सिंह ने बताया कि पत्र में छह सूत्री मांगों को शामिल किया गया है। इसे कोयला उद्योग के संयुक्त मोर्चा द्वारा सहमति से तैयार किया है। इसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है।

इसके तहत कॉमर्शियल कोल माइनिंग को रोकने, कोल ब्लॉक के आवंटन को रद्द करने, कोयला के दाम ठेकेदारों द्वारा निर्धारित करने के अधिकार से बाहर करने, कोल इंडिया के शेयर को विनिवेश को रोकने, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को बेचने की सरकार के फैसले पर प्रतिबंध लगाने, सीएमपीडीआइ को कोल इंडिया से अलग करने की योजना पर रोक लगाने, सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड को बेचने के निर्णय को रोकने, कोल इंडिया लिमिटेड में कार्यरत ठेका मजदूर/आउटसोर्सिंग मजदूर को समान कार्य के लिए समान वेतन देने, राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता की धारा को तुरंत कार्यान्वित करना आदि शामिल है।

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