रांची के निजी अस्पताल अब नहीं छिपा सकेंगे इलाज का खर्च, फीस से लेकर डॉक्टरों की डिग्री तक बताना अनिवार्य
सिविल सर्जन ने रांची के सभी नर्सिंग होम, अस्पताल और क्लीनिकों को क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत 7 दिनों के भीतर 6 महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित करने का आदेश दिया है।

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HighLights
सिविल सर्जन का रांची के अस्पतालों को सख्त आदेश।
7 दिन में 6 महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित करना अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, रांची। सिविल सर्जन ने जिले के सभी नर्सिंग होम, हास्पिटल और क्लीनिकों के लिए सख्त आदेश जारी किया है। अब सभी अस्पतालों को क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट के तहत अपने परिसर में 6 प्रकार की जानकारियां प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होंगी।
सिविल सर्जन कार्यालय के अनुसार, सभी संस्थानों को यह अनुपालन आदेश जारी होने की तिथि से सात दिनों के भीतर करना होगा और लगातार इसे बनाए रखना होगा।
क्या-क्या लगाना होगा अनिवार्य?
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट: सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध और अपडेटेड रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस को रिसेप्शन या किसी ऐसी जगह लगाना होगा जहां मरीज आसानी से देख सकें।
- रेट चार्ट: कंसल्टेशन फीस, जांच शुल्क, प्रोसीजर चार्ज, बेड चार्ज और अन्य सभी सर्विस चार्ज का आइटम-वाइज अपडेटेड रेट चार्ट प्रमुखता से लगाना होगा।
- डॉक्टरों का विवरण: संस्थान में उपलब्ध डाक्टरों का नाम, मेडिकल क्वालिफिकेशन, मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन, स्पेशलिटी और ड्यूटी टाइमिंग साफ तौर पर प्रदर्शित करना होगा।
- सेवाओं का विवरण: संस्थान में उपलब्ध मेडिकल सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी।
- मरीजों के अधिकार: मरीजों के अधिकार, शिकायत निवारण तंत्र और अन्य जरूरी जानकारी भी लगानी होगी।
- चार्ज में पारदर्शिता: मेडिकल सेवाओं के लिए वसूले जाने वाले शुल्क में पूरी पारदर्शिता रखनी होगी और कोई भी हिडेन चार्ज नहीं वसूला जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा इन बिंदुओं की जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की कमी या उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश मरीजों के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन के हित में जारी किया गया है।
