रांची में सात फ्लाईओवर से बदलेगी यातायात की तस्वीर, तीन से मिल रही राहत; चार से जाम पर लगेगा ब्रेक
रांची में कांटाटोली, मेकान-सिरमटोली और रातू रोड फ्लाईओवर चालू हो चुके हैं, जिनसे यातायात में राहत मिल रही है। अगले ...और पढ़ें

अरगोड़ा, करमटोली, हरमू समेत चार नए फ्लाईओवर बनने से प्रमुख मार्गों का घटेगा यातायात दबाव।
HighLights
तीन फ्लाईओवर चालू, राजधानी रांची में यातायात को मिली बड़ी राहत।
चार नए फ्लाईओवर अगले तीन वर्षों में होंगे तैयार, जाम से मुक्ति।
कुल सात फ्लाईओवर से राजधानी की यातायात व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव।
जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी रांची में बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच फ्लाईओवर यातायात व्यवस्था को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। शहर में तीन फ्लाईओवर तैयार होकर चालू हो चुके हैं और इनसे लोगों को आवाजाही में राहत मिल रही है।
इनमें कांटाटोली फ्लाईओवर, मेकान-सिरमटोली फ्लाईओवर और रातू रोड फ्लाईओवर शामिल हैं। इसके अलावा अरगोड़ा, करमटोली, हरमू और सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर की परियोजनाओं पर काम होना है।
अगले तीन वर्षों में इन चार फ्लाईओवर के भी तैयार होकर चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद राजधानी में कुल सात फ्लाईओवर यातायात को गति देंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के कई व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा, चौक-चौराहों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और लोगों का यात्रा समय घटेगा।
अरगोड़ा फ्लाईओवर से हरमू रोड को मिलेगा नया विकल्प
प्रस्तावित अरगोड़ा चौक फ्लाईओवर करीब 3.804 किलोमीटर लंबा होगा। इसका निर्माण हरमू रोड पर काव्स रेस्टोरेंट के पास से डिबडीह ब्रिज के पहले तक और अरगोड़ा चौक से चापुटोली तथा अशोक नगर रोड नंबर-3 तक किए जाने का प्रस्ताव है।
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 223.14 करोड़ रुपये बताई गई है। यह फ्लाईओवर तैयार होने पर हरमू रोड और अरगोड़ा क्षेत्र के यातायात को कई हिस्सों में विभाजित करने में मदद कर सकता है। इससे अरगोड़ा चौक के आसपास वाहनों के दबाव और रुक-रुककर चलने वाली यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
करमटोली फ्लाईओवर से चिरौंदी तक आसान होगा सफर
करमटोली चौक से साइंस सिटी, चिरौंदी तक प्रस्तावित फ्लाईओवर की कुल लंबाई करीब 3.216 किलोमीटर होगी। इसमें मोरहाबादी के लिए लिंक रोड भी शामिल है। परियोजना पर करीब 351 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। करमटोली, मोरहाबादी और कांके रोड की ओर जाने वाले मार्ग राजधानी के महत्वपूर्ण यातायात गलियारों में शामिल हैं।
फ्लाईओवर बनने के बाद मुख्य यातायात को चौक पर रुकने से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे करमटोली से चिरौंदी और आसपास के क्षेत्रों तक आवागमन अधिक सुगम हो सकता है।
हरमू फ्लाईओवर से तीन प्रमुख मार्ग होंगे जुड़े
प्रस्तावित हरमू फ्लाईओवर सहजानंद चौक के पहले से शुरू होकर हरमू और रातू रोड को पार करते हुए कांके रोड पर एसीबी कार्यालय के पास जज कॉलोनी तक जाएगा। इसकी लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर होगी।
इस फ्लाईओवर के बनने से हरमू, रातू रोड और कांके रोड की दिशा में आने-जाने वाले यातायात को वैकल्पिक और अपेक्षाकृत निर्बाध मार्ग मिलने की उम्मीद है। शहर के इस हिस्से में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में परियोजना पूरी होने पर कई प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर से बनेगी सीधी कड़ी
सिरमटोली और कांटाटोली फ्लाईओवर को जोड़ने वाली कनेक्टिंग परियोजना पर काम होना है। इसका उद्देश्य दोनों फ्लाईओवर को आपस में जोड़कर यातायात के लिए एक निरंतर मार्ग तैयार करना है। इसके पूरा होने पर सिरमटोली की ओर से आने वाले वाहनों को कांटाटोली की दिशा में अधिक सुगम आवागमन का रास्ता मिलेगा।
दोनों फ्लाईओवर की उपयोगिता भी इससे और बढ़ेगी। राजधानी के दक्षिणी हिस्से से मुख्य शहर की ओर आने-जाने वाले यातायात के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अगले तीन वर्षों में सात फ्लाईओवर चालू हुए तो बदलेगी तस्वीर
रांची में तीन फ्लाईओवर पहले से चालू हैं और चार अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर में कुल सात फ्लाईओवर यातायात को गति देंगे। कांटाटोली, मेकान-सिरमटोली और रातू रोड फ्लाईओवर से अभी लोगों को राहत मिल रही है।
जबकि अरगोड़ा, करमटोली, हरमू और सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण से यातायात का दबाव शहर के अलग-अलग हिस्सों में बांटने में मदद मिलेगी। अगले तीन वर्षों में सभी सात फ्लाईओवर चालू हो गए तो राजधानी की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इससे बार-बार लगने वाले जाम से राहत, यात्रा समय में कमी और प्रमुख मार्गों पर यातायात के अधिक सुचारु संचालन की उम्मीद है। हालांकि इसका वास्तविक असर परियोजनाओं के समय पर पूरा होने, संपर्क सड़कों के विकास और फ्लाईओवर के नीचे स्थानीय यातायात के बेहतर प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
कांटाटोली फ्लाईओवर से मिली बड़ी राहत
कांटाटोली फ्लाईओवर के चालू होने से राजधानी के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में शामिल कांटाटोली क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को नई राह मिली है। पहले चौक पर वाहनों का भारी दबाव रहने से पीक आवर में जाम की स्थिति बनती थी।
फ्लाईओवर के कारण मुख्य यातायात को चौक के नीचे के स्थानीय आवागमन से अलग मार्ग मिलता है। इससे कांटाटोली होकर आने-जाने वाले वाहनों का समय बच रहा है और यातायात के सुचारु संचालन में मदद मिल रही है। यह फ्लाईओवर शहर के दक्षिणी हिस्से को मुख्य शहर से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात दबाव कम करने की दिशा में अहम कड़ी है।
मेकान-सिरमटोली फ्लाईओवर ने बदली आवाजाही
मेकान-सिरमटोली फ्लाईओवर के चालू होने से राजधानी के महत्वपूर्ण यातायात गलियारे को बेहतर कनेक्टिविटी मिली है। सिरमटोली क्षेत्र लंबे समय से वाहनों के दबाव वाले इलाकों में शामिल रहा है। फ्लाईओवर के माध्यम से मुख्य मार्ग के यातायात को अपेक्षाकृत निर्बाध रास्ता मिलने से चौक पर वाहनों के ठहराव की समस्या कम हुई है।
इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन आसान हुआ है। आगे सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के पूरी तरह प्रभावी होने से इस पूरे मार्ग पर यातायात व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है।
रातू रोड फ्लाईओवर से मुख्य मार्ग पर कम हुआ दबाव
रातू रोड फ्लाईओवर राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण यातायात मार्गों में से एक पर बना है। रातू रोड से शहर में प्रवेश और बाहर निकलने वाले वाहनों का लगातार दबाव रहता है। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद मुख्य यातायात को चौक और आसपास के स्थानीय आवागमन से अलग रास्ता मिला है।
इससे पीक आवर में यातायात को गति देने में मदद मिल रही है। रातू रोड, पिस्का मोड़ और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच आने-जाने वाले वाहनों के लिए यह फ्लाईओवर महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
