दुर्गा पूजा विशेष: पंडाल घूमने जाने से पहले पढ़ लें ये जरूरी टिप्स, भीड़ में इन बातों का रखें खास ख्याल
रांची में दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में उमड़ रही भीड़ के बीच सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों की सुरक्षा, ...और पढ़ें

उत्सव के इस उल्लास भरे माहौल में थोड़ी सी भी असावधानी आपके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।
HighLights
बच्चों को नाम-नंबर याद कराएं, सुरक्षित स्थान तय करें।
मोबाइल चार्ज रखें, जेबकतरों से रहें सावधान।
अफवाहों से बचें, पुलिस की मदद लें।
जासं, रांची। दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में पंडालों की भव्यता और मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
उत्सव के इस उल्लास भरे माहौल में थोड़ी सी भी असावधानी आपके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों के बिछड़ने, मोबाइल और पर्स चोरी होने, या अन्य अनहोनी की घटनाओं से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
पूजा घूमने की योजना बनाते समय सिर्फ रूट और समय का ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।
पूजा घूमने के दौरान इन सावधानियों का रखें खास ख्याल
- बच्चों की सुरक्षा: बच्चों को भीड़ में ले जाते समय उन्हें अपना नाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर और घर का पता जरूर याद कराएं। उनकी जेब में मोबाइल नंबर लिखा हुआ विजिटिंग कार्ड या पर्ची जरूर रखें। हमेशा उनका हाथ पकड़कर चलें और घर से निकलते ही यह तय कर लें कि यदि बच्चा बिछड़ जाए, तो उसे किस निश्चित और सुरक्षित स्थान पर मिलना है।
- डिजिटल तैयारी: घर से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज कर लें। फोन में परिवार के सदस्यों के अलावा पुलिस और अन्य आपातकालीन सहायता नंबर (जैसे 112) सेव जरूर रखें।
- सावधानी से खींचें तस्वीरें: अत्यधिक भीड़भाड़ में हाथ में फोन लेकर लगातार फोटो या वीडियो बनाने से बचें। जेबकतरों से सतर्क रहें और अपने पर्स, नकदी तथा मोबाइल को हमेशा सुरक्षित ज़िप वाले बैग या आगे की जेब में रखें।
- सुरक्षा कर्मियों की लें मदद: यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आपका पीछा करे या परेशान करे, तो कभी भी सुनसान रास्ते पर न जाएं। तुरंत किसी नजदीकी पुलिसकर्मी, सुरक्षा बल के जवान या पूजा समिति के सदस्य से संपर्क करें। आपात स्थिति में सीधे डायल 112 पर कॉल करें।
- पार्किंग और निकास मार्ग: वाहन पार्क करने की जगह और पंडाल से बाहर निकलने के निकास मार्ग की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। भगदड़ या आपात स्थिति में भीड़ के साथ बहने के बजाय सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
- बुजुर्गों और दिव्यांगों का रखें ध्यान: परिवार के बुजुर्गों और दिव्यांग सदस्यों को भीड़ के सबसे व्यस्त समय (शाम से रात के बीच) में पंडाल घुमाने ले जाने से बचें।
- अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट सूचनाओं या अफवाहों पर बिल्कुल भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे शेयर करें। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए पुलिस या प्रशासन के आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।
- रात के समय बरतें अतिरिक्त सावधानी: पूजा पंडालों से देर रात घर लौटते समय पूरी तरह सतर्क रहें। सुनसान और अंधेरे रास्तों का इस्तेमाल करने से बचें और हमेशा परिवार या भरोसेमंद लोगों के समूह में ही सफर करें।
- झूलों पर रखें नजर: मेलों में लगे झूले और अस्थायी मनोरंजन के साधनों का आनंद लेते समय पूरी सावधानी बरतें। क्षमता से अधिक भीड़ वाले झूलों पर न चढ़ें और बच्चों को झूलों के पास अकेला बिल्कुल न छोड़ें।
