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रांची होकर लखनऊ-दिल्ली जाने की राह खुली, नई साप्ताहिक ट्रेन को मिली मंजूरी

Published: Thu, 12 Feb 2026 06:58 AM (IST)

रेलवे ने रांची होकर चलने वाली पुरुलिया-आनंद विहार टर्मिनल नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, रांची। रांची, लोहरदगा, टोरी, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड क्षेत्र के यात्रियों के लिए लंबे इंतजार के बाद एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रांची और लखनऊ के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में रेलवे ने अहम कदम उठाते हुए पुरुलिया–आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन को मंजूरी दे दी है।

यह ट्रेन रांची होकर संचालित होगी और झारखंड, उत्तर प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को आपस में जोड़ेगी। रेलवे ने 14022/14021 पुरुलिया–आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह ट्रेन साप्ताहिक होगी, जिसमें आनंद विहार टर्मिनल से प्रत्येक गुरुवार और पुरुलिया से प्रत्येक शनिवार को परिचालन प्रस्तावित है।

हालांकि, ट्रेन के नियमित परिचालन की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इसे किसी उपयुक्त तिथि से शुरू किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर उद्घाटन विशेष सेवा के रूप में भी चलाया जा सकता है।

ट्रेन रांची, लोहरदगा, टोरी, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इसके अलावा वाराणसी, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, लखनऊ, अयोध्या कैंट, मुरादाबाद और बरेली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी ठहराव प्रस्तावित है। इससे झारखंड के आदिवासी और पिछड़े इलाकों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

रेल मंत्री ने इस संबंध में पलामू के सांसद बीडी राम को पत्र लिखकर ट्रेन की स्वीकृति की जानकारी दी है। रांची से लखनऊ गोमती नगर तक नई ट्रेन की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जो अब इस नई सेवा के माध्यम से काफी हद तक पूरी होती नजर आ रही है।

इस रेल सेवा के शुरू होने से व्यापार, रोजगार, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन को विशेष बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर अयोध्या धाम, वाराणसी और दिल्ली की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

इस संबंध में जेडआरयूसीसी के सदस्य अरुण जोशी ने कहा कि यह ट्रेन क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग थी। रेलवे द्वारा इसे मंजूरी देना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आगे कहा कि इससे झारखंड के कई पिछड़े इलाकों का सीधा जुड़ाव देश की राजधानी से होगा, जो विकास के नए रास्ते खोलेगा।