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न OTP, न कोई डिटेल... खाते से निकल गए 50 हजार रुपये; रांची में ठगी का नया तरीका अपना रहे साइबर अपराधी

Published: Sat, 19 Sep 2026 07:50 AM (IST)

रांची में साइबर अपराधी अब बिना ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी साझा किए भी लोगों के खातों से रकम निकालने ...और पढ़ें

ठगी का नया रास्ता अपना रहे साइबर अपराधी।

ठगी का नया रास्ता अपना रहे साइबर अपराधी।

जागरण संवाददाता, रांची। साइबर अपराधी अब बिना ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी साझा किए भी लोगों के खातों से रकम निकालने के नए तरीके अपना रहे हैं। रांची साइबर थाना में कृष्ण कुमार ने शुक्रवार को खाते से 50 हजार रुपये की अवैध निकासी का मामला दर्ज कराया है।

कृष्ण कुमार के अनुसार, उनके मोबाइल पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही उन्होंने किसी व्यक्ति के साथ बैंक खाते या अन्य गोपनीय जानकारी साझा की थी। इसके बावजूद उनके खाते से 50 हजार रुपये निकल गए। रकम जाने के बाद कृष्ण कुमार ने बैंक से लेनदेन की जानकारी ली।

जांच में सामने आया कि निकाली गई रकम कल्याण ज्वेलर्स के खाते में गई है। कृष्ण कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कल्याण ज्वेलर्स से कोई खरीदारी नहीं की थी। इसके बाद मामला साइबर थाना पहुंचा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई, लेनदेन किस डिवाइस या माध्यम से हुआ और रकम कल्याण ज्वेलर्स के खाते में किसके द्वारा भेजी गई।

बार बार तरीका बदल रहे हैं ठग

पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराध के मामलों में ठग लगातार तरीके बदल रहे हैं। पहले आमतौर पर बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी और अन्य जानकारी हासिल कर खातों से रकम उड़ाई जाती थी।

अब ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें पीड़ित का कहना है कि उसने किसी के साथ बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं की और उसके मोबाइल पर ओटीपी भी नहीं आया। ऐसे मामलों में लेनदेन का तकनीकी विश्लेषण कर यह पता लगाया जाता है कि रकम किस माध्यम से ट्रांसफर हुई।

बिजली बिल के नाम पर एपीके फाइल भेजकर हो रही है ठगी

साइबर अपराधी बिजली बिल के नाम पर भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। लोगों को बिजली बिल बकाया होने, कनेक्शन काटे जाने या तत्काल भुगतान करने का झांसा देकर मोबाइल पर एपीके फाइल भेजी जा रही है। इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल में मौजूद जानकारी तक साइबर अपराधियों की पहुंच बनने का खतरा रहता है।

इसके बाद बैंकिंग एप या अन्य संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग कर खाते से रकम निकाली जा सकती है। पुलिस का कहना है कि किसी अनजान नंबर से भेजी गई एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। बिजली बिल से संबंधित किसी भी सूचना की पुष्टि संबंधित बिजली कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही करनी चाहिए।

ऐसे बचें साइबर ठगी से

  • बैंक खाते से जुड़ी किसी भी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, पासवर्ड और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा नहीं करें।
  • अंजान नंबर से आए लिंक, क्यूआर कोड या एपीके फाइल को डाउनलोड अथवा इंस्टाल नहीं करें।
  • बिजली बिल, बैंक खाता बंद होने, केवाईसी अपडेट या इनाम मिलने के नाम पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • मोबाइल में कोई संदिग्ध एप इंस्टाल हो जाए तो उसे तुरंत हटाएं और बैंक को इसकी जानकारी दें।
  • खाते से अनधिकृत लेनदेन का पता चलते ही बैंक को सूचित कर कार्ड, खाते या संबंधित सेवा को तत्काल ब्लाक कराएं।
  • साइबर ठगी होने पर समय गंवाए बिना 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें और साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराएं। 

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