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झारखंड में भवन नियमितीकरण योजना का पोर्टल बंद, 4500 आवेदन लंबित; आवेदकों की बढ़ी परेशानी

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:00 PM (IST)

राज्य में अवैध भवनों को नियमित करने की योजना का ऑनलाइन पोर्टल करीब तीन माह से बंद है, जिससे 4500 ...और पढ़ें

करीब तीन माह से पोर्टल नहीं खुला, नक्शे की जांच और भवन नियमितीकरण की प्रक्रिया अटकी।

करीब तीन माह से पोर्टल नहीं खुला, नक्शे की जांच और भवन नियमितीकरण की प्रक्रिया अटकी।

HighLights

  1. भवन नियमितीकरण योजना का ऑनलाइन पोर्टल तीन माह से बंद।

  2. राज्यभर में 4500 से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं।

  3. रांची नगर निगम में 1642, आरआरडीए में 539 आवेदन फंसे।

जागरण संवाददाता, रांची। राज्य में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए शुरू की गई भवन नियमितीकरण योजना राजधानी में आवेदकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। योजना के तहत आवेदन तो ले लिए गए, लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ाने वाला आनलाइन पोर्टल करीब तीन माह से बंद है। इसके कारण राज्यभर से प्राप्त 4500 से अधिक आवेदन अलग अलग नगर निकायों में लंबित हैं।

आवेदक लगातार नगर निकायों और संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें पोर्टल शुरू होने का इंतजार करने को कहा जा रहा है। भवन नियमितीकरण योजना के तहत राज्य सरकार ने अवैध अथवा नियमों के विपरीत बने भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमित करने का अवसर दिया है।

इसके लिए लोगों से आवेदन भी लिए गए। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित भवन के दस्तावेज और नक्शे की जांच, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और नियमितीकरण की कार्रवाई आनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। पोर्टल बंद होने से पूरी प्रक्रिया ही ठप पड़ गई है।

रांची नगर निगम में 1642, आरआरडीए में 539 आवेदन फंसे

योजना के तहत रांची नगर निगम में 1642 आवेदन जमा हुए हैं। वहीं रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) में भी 539 लोगों ने आवेदन किया है। इसके अलावा राज्य के अन्य नगर निकायों में भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। आवेदकों को उम्मीद थी कि आवेदन के बाद जल्द ही उनके भवन के नक्शे की जांच और नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन पोर्टल बंद होने से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

दफ्तरों का चक्कर, अधिकारी भी पोर्टल शुरू होने के इंतजार में

आवेदक नियमितीकरण की स्थिति जानने के लिए नगर निगम और आरआरडीए कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहां उन्हें फिलहाल पोर्टल बंद होने की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद ही लंबित आवेदनों की जांच और आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्होंने नियमितीकरण की उम्मीद में आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है। उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि उनका आवेदन कब जांच के लिए खुलेगा और कब तक भवन को नियमित करने की प्रक्रिया पूरी होगी।

पोर्टल पर अटकी पूरी प्रक्रिया

भवन नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन पोर्टल से जुड़ी है। आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच, अधिकारियों द्वारा उसका निस्तारण और नक्शे को नियमित करने की कार्रवाई पोर्टल के माध्यम से ही होनी है। ऐसे में पोर्टल बंद रहने से आवेदन जमा होने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।

सरकार ने अवैध भवन नियमित करने का दिया था मौका, अब आवेदक कर रहे इंतजार

राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य अवैध भवनों को निर्धारित नियमों के तहत नियमित करना था। योजना शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया। लेकिन आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल लंबे समय तक बंद रहने से पूरी योजना की गति प्रभावित हो गई है।