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रांची में बोरिंग के नए नियम लागू: सिर्फ 4 इंच तक मिलेगी अनुमति, 15 दिन में पूरा करना होगा काम

Published: Thu, 03 Sep 2026 09:34 PM (GMT+05:30)

राजधानी रांची में गिरते भूजल स्तर के कारण नगर निगम ने बोरिंग के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब ...और पढ़ें

रांची में अब चार इंच की ही बोरिंग की मिलेगी अनुमति, रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

रांची में अब चार इंच की ही बोरिंग की मिलेगी अनुमति, रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

HighLights

  1. बोरिंग के लिए रांची नगर निगम की अनुमति अनिवार्य।

  2. अधिकतम चार इंच की बोरिंग की ही अनुमति मिलेगी।

  3. रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था घर में होना जरूरी।

जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी में लगातार गिरते भूजल स्तर और गर्मी के दिनों में बढ़ते जल संकट को देखते हुए रांची नगर निगम ने घरेलू उपयोग के लिए बोरिंग को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब घरों में नलकूप (ट्यूबवेल/बोरवेल) कराने के लिए नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

निगम ने अधिकतम चार इंच बोरिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है। हालांकि, इसके लिए घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था होना जरूरी होगा।

नगर निगम की ओर से जारी आम सूचना में कहा गया है कि जिन आवेदकों के घर में वर्तमान में रेन वाटर हार्वेस्टिंग चालू स्थिति में है, उन्हें चार इंच बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।

बोरिंग की अनुमति के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराना अनिवार्य रहेगा। बिना पूर्व अनुमति बोरिंग कराने पर आवासीय मामले में 25 हजार रुपये और व्यावसायिक मामले में एक लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही बोरिंग को सील भी किया जा सकता है।

आवेदन के साथ देने होंगे ये दस्तावेज

बोरिंग की अनुमति के लिए आवेदक को विधिवत आवेदन के साथ पहचान पत्र, होल्डिंग रसीद, जहां बोरिंग की जानी है वहां का जीपीएस फोटो और संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने पर संबंधित दस्तावेज देने होंगे। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति की फोटो और शपथ पत्र भी देना होगा।

आवेदक को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि बोरिंग निजी भूमि पर कराई जाएगी और इसका उपयोग पेयजल या घरेलू जरूरत के लिए ही किया जाएगा।

15 दिन में करानी होगी बोरिंग

अनुमति मिलने के बाद आवेदक को 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अनुमति स्वत: रद मानी जाएगी। बोरिंग की गहराई क्षेत्र के भूजल स्तर को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।

बोरिंग के बाद उसकी गहराई और जलस्तर की माप की जानकारी रिग मशीन चालक और गृहस्वामी को नगर निगम को देनी होगी।

सड़क, नाली और सरकारी जमीन पर रोक

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी भूमि, सड़क, नाली या नाले पर बोरिंग नहीं कराई जा सकेगी। इसके अलावा आसपास की निजी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी आवेदक की होगी।

व्यावसायिक बोरिंग पर अधिक शुल्क

निगम ने आवासीय और व्यावसायिक बोरिंग के लिए अलग-अलग शुल्क तय किया है। आवासीय आवेदकों से 5000 वर्गफीट तक 2500 रुपये और इससे अधिक बिल्डअप एरिया होने पर 5000 रुपये शुल्क लिया जाएगा।

व्यावसायिक जल उपयोग के मामले में 1000 वर्गफीट तक 10 हजार रुपये तथा इससे अधिक क्षेत्र में 10 रुपये प्रति वर्गफीट शुल्क निर्धारित किया गया है।