रांची, जेएनएन। Delhi Fire Tragedy - रांची के नामकुम के रहने वाले राजेश शुक्ला ने रविवार को दिल्ली के फिल्मीस्तान मंडी में हुए दर्दनाक अग्निकांड में अग्निकांड पीड़ितों के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। इस दर्दनाक हादसे में उन्‍होंने 11 लोगों को जिंदा बचाया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर बिल्डिंग में घुसकर लोगों को बाहर निकाला, हांलांकि वो दूसरों को बचाने के क्रम में खुद भी चोटिल हो गए। उन्हें पैरों में चोटें आई है और लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

फिलहाल वो बिलकुल ठीक हैं और आज उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी जाएगी। राजेश के हिम्‍मत की दिल्‍ली के मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी तारीफ की है। उन्‍हें असली हीरो बताया है। बता दें कि दिल्ली के फ़िल्मिस्तान इलाके में रानी झांसी रोड के पास अनाज मंडी में रविवार अहले सुबह भीषण आग लग गई। इस घटना में अब तक 45 लोगों की मौत हो गई है।

राजेश दिल्ली अग्निशमन विभाग में पुरानी दिल्ली के असिस्टेंट डिवीजन अफसर हैं। वो नामकुम के तेतरी टोली के रहनवाले हैं। वह 2004 से दिल्ली अग्निशमन में सेवारत हैं। इसके पूर्व भी गुजरात के भूकंप और दिल्ली में हुए कई हादसों में वह कई लोगों की जान बचा चुके हैं। उनके पिता बृजकिशोर शुक्ला रांची स्थित सीएमपीडीआइ से सेवानिवृत हैं।

फोन पर हुए बातचीत में राजेश ने बताया कि 11 लोगों को जिंदा बचाने की खुशी से ज्यादा उन्हें 45 से अधिक लोगों को न बचा पाने का मलाल है। जब वो घटनास्थल पर पहुंचे थे, तो तीन मंजिला बिल्डिंग पूरी तरह से आग की चपेट में था। घटना के बाद दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल पहुंचे और राजेश शुक्‍ला से मुलाकात। जैन ने अपने ट्विटर पर राजेश की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्‍हें सच्‍च हीरो बताया। कहा कि राजेश पहले अग्निशमन कर्मी थे जो आग के बीच घुसे और 11 लोगों की जान बचाई। उन्‍होंने लिखा कि अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर लोगों की जान बचाने वाले जांबाज हीरो को सैल्‍यूट।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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