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रांची के बकरी बाजार मेले में टला बड़ा हादसा: हाइड्रोलिक मशीन टूटने से हवा में लटका झूला, कूदकर बचाई जान

Published: Sun, 18 Oct 2026 10:31 PM (IST)

रांची के बकरी बाजार मेले में दुर्गा पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जब छिपकली स्टाइल झूले की हाइड्रोलिक मशीन खराब होने से झूला हवा में लटक गया।

अचानक झूले के एक तरफ झुकने से उस पर बैठे लोगों की जान सांसत में पड़ गई।

अचानक झूले के एक तरफ झुकने से उस पर बैठे लोगों की जान सांसत में पड़ गई। 

HighLights

  1. बकरी बाजार मेले में झूले की हाइड्रोलिक मशीन खराब हुई।

  2. झूला हवा में लटकने से लोगों में अफरा-तफरी मची।

  3. सुरक्षा मानकों और झूलों के रखरखाव पर गंभीर सवाल।

जासं, रांची। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा के उल्लास और उत्सव के माहौल के बीच बकरी बाजार मेले में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
 
मेले के मुख्य आकर्षण का केंद्र बने छिपकली स्टाइल झूले की हाइड्रोलिक मशीन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिससे झूला हवा में ही एक तरफ झुककर लटक गया। इस घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं।
 

ओवरलोडिंग के कारण टूटी मशीन? 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय झूले पर कई लोग सवार थे। अचानक झूले के एक तरफ झुकने से उस पर बैठे लोगों की जान सांसत में पड़ गई। इस दौरान झूले पर एक पूरा परिवार काफी देर तक फंसा रहा। 
 
हालांकि, झूले पर सवार कुछ लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई। इस आपाधापी में कुछ लोगों के मामूली रूप से चोटिल होने की भी सूचना है।
 
उधर, पूजा समिति का दावा है कि लोगों को झूले पर चढ़ने से मना किया गया था, लेकिन चेतावनी के बावजूद लोग नहीं माने। आयोजकों के मुताबिक, तय क्षमता से अधिक भार (ओवरलोडिंग) होने के कारण ही झूले की हाइड्रोलिक मशीन अचानक टूट गई।
 

सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल 

इस दुर्घटना ने मेलों में मनोरंजन के लिए लगाए जाने वाले झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी सामने आई है कि शहर में संचालित अधिकांश मेलों के पास प्रशासन की एनओसी नहीं होती है और न ही झूलों का नियमित मेंटेनेंस किया जाता है। 
 
एक तकनीकी विशेषज्ञ ने बताया कि शहर में संचालित कई झूले पुराने हो चुके हैं और उनकी मियाद पूरी हो चुकी है, बावजूद इसके लालच में इनका संचालन किया जा रहा है।
 
दुर्गा बाजार और मेलों में रोजाना हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस घटना के बाद झूलों की फिटनेस जांच, तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की मांग उठने लगी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।