रांची, (राज्य ब्यूरो) : राज्य में फिलहाल कोरोना का संक्रमण काबू में है। यहां कुछ ही जिलों में कोरोना के छिटपुट केस मिल रहे हैं। राहत की बात यह है कि राज्य के 10 जिलों में वर्तमान में कोई एक्टिव केस नहीं है। राज्य में कोरोना का संक्रमण नहीं बढ़े, इसके लिए सतर्कता के साथ-साथ जांच की गति को तेज करने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे अहम उन जिलों से आनेवाले लोगों की अनिवार्य रूप से जांच कराना है, जहां ओमिक्रोन के मामले मिल चुके हैं।

राज्य में कोरोना के नए केस रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, पश्चिमी स‍िंंहभूम आदि में ही मिल रहे हैं। सबसे अधिक मामले रांची और जमशेदपुर में हैं। सिर्फ तीन जिलों में ही दस या इससे अधिक एक्टिव केस हैं। वहीं, राज्य के 10 जिलों में एक भी एक्टिव केस नहीं है। इनमें कई जिले ऐसे हैं जहां एक माह से अधिक समय से कोरोना का कोई नया मरीज नहीं मिला है। वर्तमान में हो रही कोरोना जांच की बात करें तो हाल के दिनों में 30 से 35 हजार जांच प्रतिदिन हो रही है। हालांकि पिछले दिनों जांच की रफ्तार घटकर 25 हजार के आसपास पहुंच गई थी। एक दिन पूर्व सोमवार को यहां 35,195 लोगों की कोरोना जांच हुई, जिनमें महज 10 संक्रमित मिले। राज्य में वर्तमान में एक्टिव केस की संख्या 131 हो गई है।

किस जिले में कितने एक्टिव केस

  • रांची : 53
  • पूर्वी स‍िंंहभूम : 38
  • धनबाद : 13
  • पश्चिमी स‍िंंहभूम : 08
  • बोकारो : 05
  • सिमडेगा : 04
  • गुमला : 03
  • चतरा : 03
  • हजारीबाग : 03
  • देवघर : 01
  • खूंटी : 01
  • कोडरमा : 01
  • लातेहार : 01
  • रामगढ़ : 01

इन जिलों में नहीं है कोई एक्टिव केस 

  • दुमका
  • गढ़वा
  • गिरिडीह
  • गोड्डा
  • लोहरदगा
  • पलामू
  • साहिबगंज
  • जामताड़ा
  • पाकुड़
  • सरायकेला- खरसावां

रांची सहित सात जिलों में लैब व रिम्स में 110 बेड के आइसीयू के लिए 31.50 करोड़ स्वीकृत

उधर, राज्य सरकार ने रांची, जमशेदपुर, बोकारो, देवघर, चाईबासा, गुमला, गोड्डा के सदर अस्पतालों में आरटी-पीसीआर विशेष जांच लैब स्थापित करने तथा रांची के रिम्स में 110 बेड की आइसीयू की स्थापना के लिए 31.50 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। सात जिलों में लैब स्थापित करने के लिए 17.50 करोड़ तथा रिम्स में 110 बेड की आइसीयू के लिए 14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार ने पूर्व में ही कैबिनेट के निर्णय की प्रत्याशा में मनोनयन के आधार पर इसकी जिम्मेदारी प्रेझा फाउंडेशन को दी थी। इसपर कैबिनेट की स्वीकृति मिल जाने के बाद स्वीकृति आदेश मंगलवार को जारी कर दिया गया।

Edited By: M Ekhlaque