बम धमकियों के बीच रांची एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट, अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल; अवैध पार्किंग से खतरा
बम से उड़ाने की धमकियों के बाद रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन अवैध ...और पढ़ें

अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल रांची एयरपोर्ट को पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां।
HighLights
रांची एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की कई धमकियां मिलीं।
अवैध पार्किंग बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए चुनौती।
सुरक्षा एजेंसियों ने पहले भी अवैध पार्किंग से खतरे की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, रांची। कोलकाता एयरपोर्ट, फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन के आवास और देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ गई है। राजधानी का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहले भी कई बार ऐसी धमकियों का सामना कर चुका है। वर्ष 2022 से 2024 के बीच एयरपोर्ट और यहां आने-जाने वाले विमानों को बम से उड़ाने की पांच धमकियां सामने आ चुकी हैं।
ऐसे में किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। एयरपोर्ट की आंतरिक सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के जिम्मे है।
यात्रियों और उनके सामान की जांच के साथ टर्मिनल भवन, प्रवेश द्वार और विमान संचालन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए निर्धारित व्यवस्था है। वहीं, एयरपोर्ट के बाहरी हिस्सों की सुरक्षा में स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस बीच रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल रांची एयरपोर्ट के आसपास अवैध पार्किंग सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई है।
सुरक्षा एजेंसियों की पूर्व की पड़ताल में भी एयरपोर्ट की चहारदीवारी के आसपास वाहनों की अवैध पार्किंग से खतरे की बात सामने आ चुकी है। इसके बावजूद स्टेट हैंगर, मौसम केंद्र और एयरपोर्ट की चहारदीवारी के समीप प्रतिदिन सैकड़ों वाहन खड़े किए जा रहे हैं।
95 वाहनों की सूची प्रशासन को सौंपी, फिर भी नहीं सुधरे हालात
एयरपोर्ट प्रबंधन ने सुरक्षा के मद्देनजर अवैध पार्किंग करने वाले 95 वाहनों के नंबर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने हिनू से एयरपोर्ट तक सड़क किनारे के हिस्से को नो पार्किंग जोन घोषित किया।
इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग जारी है। विशेषकर स्टेट हैंगर और मौसम केंद्र के आसपास वाहनों का जमावड़ा सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है। सवाल उठ रहा है कि जब सुरक्षा एजेंसियां पहले ही खतरे से आगाह कर चुकी हैं, तो अवैध पार्किंग पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है।
पहले भी कई बार मिल चुकी है बम से उड़ाने की धमकी
रांची एयरपोर्ट को पहले भी कई बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। वर्ष 2024 में मई, 25 सितंबर, 22 अक्टूबर और 28 अक्टूबर को धमकियां सामने आई थीं। वहीं, 28 जुलाई 2022 को भी फोन पर एयरपोर्ट में बम होने की सूचना मिली थी। जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला था। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ाई थी।
अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल है एयरपोर्ट
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को दिसंबर 2023 में सुरक्षा की दृष्टि से अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे जाने की जानकारी सामने आई थी। यहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) की तैनाती है। एयरपोर्ट के बाहरी हिस्सों की सुरक्षा में स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में चहारदीवारी के आसपास अवैध पार्किंग पर रोक लगाना जरूरी है।
आपात स्थिति में काम आएगा आइसोलेशन-वे
एयरपोर्ट पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आइसोलेशन-वे बनाने की योजना है। इसका नक्शा स्वीकृत हो चुका है। इससे बम की धमकी या विमान से जुड़ी आपात स्थिति में संदिग्ध विमान को अन्य विमानों से अलग रखने में मदद मिलेगी।
अमिताभ बच्चन के आवास को उड़ाने की धमकी से बढ़ी चिंता
मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े को 23 अक्टूबर को मिले धमकी भरे ई-मेल में अभिनेता अमिताभ बच्चन के आवास और गायक दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम स्थल को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, इस धमकी का रांची एयरपोर्ट से सीधा संबंध सामने नहीं आया है। ऐसे माहौल में एयरपोर्ट के आसपास अवैध पार्किंग रोकने और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की आवश्यकता और बढ़ गई है।
एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम है। जिला प्रशासन को पूर्व में ही एयरपोर्ट के आसपास से अवैध पार्किंग हटाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। सुरक्षा जांच में यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा है। पूर्व में भी रांची एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। ऐसे में सतर्कता जरूरी है।
-विनोद कुमार, निदेशक, रांची एयरपोर्ट
