India vs South Africa ODI: फ्लाइंग जोन में जेएससीए स्टेडियम, 90 मीटर की ऊंचाई तक ही ड्रोन उड़ाने की अनुमति
रांची के जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम में भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच के दौरान विमानों के परिचालन पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। एयरपोर्ट से 38 विमानों का परिचालन होगा और सुरक्षा के लिए ड्रोन पर निगरानी रखी जाएगी, क्योंकि स्टेडियम नो फ्लाइंग जोन में आता है। विमान से यात्रा करने वाले यात्री आसमान से स्टेडियम का नजारा देख सकेंगे।

रांची एयरपोर्ट के उड़ान निषेध क्षेत्र(नो फ्लाइंग जोन) के तहत जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम आता है।
अमित सिंह,रांची । भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला वनडे मुकाबला झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम(जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम) में 30 नवंबर रविवार को खेला जाएगा। यह डे-नाइट मैच दोपहर दो बजे से शुरू होगा।
रात करीब 11 बजे तक स्टेडियम में मैच का रोमांच रहेगा। इस दौरान भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची से 38 विमानों का परिचालन होगा। दूसरे राज्यों से रोजाना की तरह 19 यात्री विमान रांची आएंगे। दिन के 12 बजे से रात के करीब 9.15 बजे तक सभी उड़ान पर विशेष नजर रखी जाएगी।
रांची एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल(एटीसी) सिस्टम द्वारा विमानों के सुरक्षित, व्यवस्थित और कुशल परिचालन के लिए योजनावद्ध तरीके से काम किया जाएगा। क्योंकि रांची एयरपोर्ट के उड़ान निषेध क्षेत्र(नो फ्लाइंग जोन) के तहत जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम आता है। जेएससीए साइड से ही ज्यादातर विमान उतरते है और उड़ते हैं।
रांची एयरपोर्ट से स्टेडियम की दूरी करीब सात किलोमीटर है। इसी सात किलोमीटर(3.8 समुद्री मील) तक रडार और रनवे का आगमन और प्रस्थान पथ फैला है। एयरपोर्ट के 5.5 किलोमीटर(3 समुद्री मील) के भीरत ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं हैं।
वहीं फ्लाइंग जोन में ड्रोन को 90 मीटर(300 फीट) से अधिक ऊंचाई पर नहीं उड़ाना है। एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर की परिधि तक नो फ्लाइंग जोन होता है। वनडे मैच के दौरान ड्रोन उड़ाए जाने की संभावना है। मीडिया हाउस सहित अन्य क्षेत्र से जुड़े लोग ड्रोन उड़ाकर मैच और दर्शकों के भीड़ की तस्वीर बना सकते हैं।
ड्रोन आदि के ज्यादा ऊंचाई पर होने से विमानों का परिचालन प्रभावित हो सकता है। इसे देखते हुए रांची एयरपोर्ट प्रबंधन विशेष कार्य योजना तैयार किया है। एयरपोर्ट के अफसर ड्रोन आदि को देखते ही एटीसी को सूचित करेंगे।
यह सभी अफसर एटीसी से लगातार संपर्क में रहेंगे। विमानों का परिचालन और मैच- दोनों सुरक्षित हो, इसे लेकर रांची एयरपोर्ट प्रबंधन ने काम शुरू कर दिया है। जेएससीए स्टेडियम साइड के फ्लाइंग जोन में यात्री विमान को छोड़ अन्य किसी प्रकार के उड़ान पर रोक रहेगी।
यात्री विमान से देख सकेंगे स्टेडियम का नजारा
रांची में होने वाले वनडै मैच का आनंद आसमान से ही सैकड़ों विमान यात्री ले सकेंगे। जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम साइड से उतरने और उड़ान भरने वाले विमान स्टेडियम के बहुत नजदीक से गुजरेंगे। स्टेडियम आने से पूर्व विमान में घोषणा की जाएगी। ऐसा एयरलाइंस द्वारा यात्रियों को रोमांचित करने के लिए किया जाएगा।
विमान यात्री स्टेडियम का नजारा देख सकेंगे। दिन के 11.55 से रात 21.05 तक 19 जोड़ी विमान का परिचालन रांची में होगा। इस दौरान रांची एयरपोर्ट पर पटना-रांची-कोलकाता, हैदराबाद-रांची-हैदराबाद, दिल्ली-रांची-दिल्ली, कोलकाता-रांची-पटना, बेंगलुरू-रांची-बेंगलुरु, मुंबई-रांची-मुंबई, अहमदाबाद-रांची-अहमदाबाद, चेन्नई-रांची-चेन्नई, भुवनेश्वर-रांची-भुवनेश्वर, कोलकाता-रांची-कोलकाता सहित अन्य विमानों का परिचालन होगा।
एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर की परिधि नो फ्लाइंग जोन में आता है। इस परिधि में ड्रोन सहित अन्य किसी भी प्रकार के उड़ान की जानकारी एयरपोर्ट प्रबंधन या डीजीसीए को देनी होती है। विशेष परिस्थिति में ड्रोन आदि उड़ाने के लिए अनुमति प्रदान की जाती है। ड्रोन आदि उड़ाने की जानकारी एयरपोर्ट प्रबंधन को नहीं मिली है। वैसे वनडे मैच को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने विशेष तैयारी की है। मैच देखने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले विमान यात्रियो को परेशानी न हो।
विनोद कुमार, डायरेक्टर, रांची एयरपोर्ट

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।