रांची एयरपोर्ट पर विमानों की कमी से कारोबार सुस्त, 2000 यात्री रोजाना कम; पार्किंग के बाद कैंटीन संचालक भी परेशान
विमानों की संख्या घटने से रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या और कारोबार प्रभावित हुआ है, जिससे ...और पढ़ें

पांच रूटों पर उड़ानें बंद होने से रोजाना करीब दो हजार यात्री कम।
HighLights
रांची एयरपोर्ट पर विमानों की कमी से यात्री संख्या घटी।
एयरपोर्ट के पार्किंग और कैंटीन संचालकों का कारोबार प्रभावित हुआ।
अक्टूबर से रांची के लिए तीन अतिरिक्त उड़ानें शुरू होंगी।
जागरण संवाददाता, रांची। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विमानों की संख्या घटने का असर अब सिर्फ यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रह गया है। इसका सीधा असर एयरपोर्ट परिसर में कारोबार करने वाले लोगों पर भी पड़ने लगा है।
पहले पार्किंग संचालक ने कारोबार प्रभावित होने का हवाला देकर सुविधा बंद करने की बात एयरपोर्ट प्रबंधन के सामने रखी थी। अब पार्किंग जोन में यात्रियों और आम लोगों के लिए कैंटिन चलाने वाले संचालक ने भी एयरपोर्ट प्रबंधन से सुविधा बंद करने की गुहार लगाई है।
एयरपोर्ट पर रोजाना यात्रियों की संख्या में करीब दो हजार तक की कमी दर्ज की जा रही है। जून माह तक जहां प्रतिदिन करीब आठ हजार यात्रियों का आवागमन होता था, वहीं जुलाई से यह संख्या घटकर करीब छह हजार रह गई है।
यात्रियों की संख्या में कमी का सीधा असर कैंटिन, पार्किंग और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े कारोबार पर पड़ रहा है। एयरपोर्ट पर विमानों की कमी का असर तीन स्तर पर दिखाई दे रहा है, यात्रियों को कम विकल्प मिल रहे हैं, कारोबारियों की बिक्री घट रही है और एयरपोर्ट प्रबंधन के सामने यात्री सुविधाओं से जुड़े कारोबार को बनाए रखने की चुनौती बढ़ रही है।
1508 से घटकर 1318 हुआ विमान परिचालन
एयरपोर्ट पर विमान परिचालन में भी उल्लेखनीय कमी आई है। पहले एक महीने में करीब 1508 विमानों का संचालन होता था, जबकि अब यह संख्या घटकर करीब 1318 रह गई है। यानी एक महीने में लगभग 190 विमान कम संचालित हो रहे हैं।
इसके अलावा मानसून में खराब मौसम के कारण रोजाना एक-दो उड़ानों के रद या प्रभावित होने से यात्रियों की संख्या और कारोबार दोनों पर अतिरिक्त असर पड़ रहा है।
एक जुलाई से एयर इंडिया एक्सप्रेस की चार और इंडिगो की एक नियमित उड़ान को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। एयरलाइनों ने विमान की उपलब्धता में कमी और एटीएफ की बढ़ी लागत को इसके प्रमुख कारणों में बताया था।
कारोबारियों की परेशानी बढ़ी
कैंटिन कर्मियों का कहना है कि निविदा के समय यात्रियों की संख्या और कारोबार को देखते हुए सबसे अधिक बोली लगाकर कैंटिन का संचालन लिया गया था। लेकिन अब यात्रियों की संख्या में लगातार कमी होने से बिक्री प्रभावित हुई है।
ऐसे में तय शुल्क और दूसरे खर्चों के साथ कैंटिन चलाना मुश्किल हो रहा है। संचालक ने एयरपोर्ट प्रबंधन को इसकी जानकारी देते हुए सुविधा बंद करने की इच्छा जताई है।
पार्किंग संचालक की ओर से भी पिछले माह कारोबार प्रभावित होने की बात कही गई थी। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही घटने का असर अब एक-एक कर यात्री सुविधा से जुड़े दूसरे कारोबारों में दिखाई देने लगा है।
यात्रियों को भी झेलनी पड़ रही परेशानी
उड़ानों की संख्या कम होने का असर यात्रियों पर भी पड़ रहा है। कई शहरों के लिए विकल्प सीमित हुए हैं। जिन रूटों पर उड़ानें कम हुई हैं, वहां यात्रियों को दूसरे समय की उड़ान या कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं मांग के मुकाबले सीटों की उपलब्धता घटने से कई बार किराया भी बढ़ जाता है।
हालांकि रांची से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के लिए अभी भी उड़ानें उपलब्ध हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस की मौजूदा सूची में रांची से दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई समेत कई प्रमुख शहरों की सेवाएं दिखाई जा रही हैं।
अक्तूबर से तीन नई उड़ान
अक्तूबर से रांची के लिए तीन अतिरिक्त उड़ानें शुरू की जाएंगी। एयर इंडिया दिल्ली-रांची रूट पर एक अतिरिक्त नाइट फ्लाइट चलाएगा, जबकि इंडिगो रांची-बेंगलुरू सेक्टर पर नई सेवा शुरू करेगा।
इन अतिरिक्त उड़ानों से टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और आखिरी समय में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे किराये में हो रही तेज बढ़ोतरी पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा।
एयरपोर्ट प्रबंधन भी मान रहा असर
यात्रियों की संख्या में कमी आई है और इसका असर कारोबार पर पड़ना स्वाभाविक है। कैंटिन संचालक ने एयरपोर्ट प्रबंधन को सुविधा बंद करने के संबंध में सूचित किया है। निविदा के समय संचालक ने सबसे अधिक बोली लगाकर कैंटिन हासिल किया था। अब यात्रियों की संख्या कम होने से अपेक्षित कारोबार नहीं हो पा रहा होगा, जिससे संचालन में परेशानी आ रही है।
-विनोद कुमार, निदेशक, रांची एयरपोर्ट
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