रांची, जेएनएन। दिल्ली से वापस अपने घर लौट रहे एक गरीब कामगार के घर गरीब रथ में सवार होकर लक्ष्मी आई, वह भी चांद के टुकड़े सी शक्ल में। बरकाकाना स्टेशन इस फूल सी नवजात बच्ची के लिए पहला आंगन बना, फिर अलग-अलग ठिकानों के लिए प्रस्थान करने वाले मुसाफिरों के सामनेे उसने किलकारियां भरते हुए अपनी आंखें खोलीं।

एक पल के लिए स्टेशन पर पूरा माहौल मारे खुशी के चहचहा उठा, जच्चा-बच्चा को देखने के लिए हुजूूूम सा उमड़ पड़़ा, सबने उसकी सलामती और स्वस्थ होने की कामना करते हुए खूब नेमतें बरसाईं। महिलाओं ने चलती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव के लिए भगवान को शुक्रिया कहा और नन्ही सी जान को आशीष देते हुए जी भरकर प्यार लुटाया।

दिल्ली से काम कर वापस पत्नी पूजा देवी के साथ होसिर निवासी कपिल करमाली गरीब रथ एक्सप्रेस से बरकाकाना स्टेशन आ रहे थे। इसी बीच रास्ते में ही ट्रेन में सफर कर रही पूजा देवी को बरवाडीह स्टेशन के करीब प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसकी सूचना ट्रेन में सफर कर रहे कोच अटेडेंट को दी गई।

कोच अटेंडेंट ने अपने अधिकारियों को सूचना दी कि कोच संख्या जी-12 में एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही हैं। इसकी सूचना पाकर बरकाकाना स्टेशन पर रेलवे के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार व जीआरपी के थाना प्रभारी मंगल उरांव तथा आरपीएफ के जवान स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने का इंतजार करने लगे।

लेकिन राय व खेलारी स्टेशन के बीच में ही महिला ने बच्ची को जन्म दिया। गरीब रथ ट्रेन के बरकाकाना स्टेशनन पहुंचते ही बोगी संख्या जी-12 में रेलवे डॉक्टर ने बच्ची की जांच की और कहा कि महिला व बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसके बाद कपिल करमाली अपने परिजन के साथ अपने घर डाडी के होसिर गांव के लिए निजी वाहन से रवाना हुए।

Posted By: Alok Shahi

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