रांची, जासं। Happy Raksha Bandhan 2019 - आज भाई की दीर्घायु, समृद्धि व खुशहाली की कामना करने की भावनाएं पूरे जोर पर है। इस क्रम में आजादी के 73वीं वर्षगांठ के साथ ही लगातार सशक्‍त हाे रही बहनों ने रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्‍हें सेहत-नेमत की आशीषें दीं। गुरुवार को समूचे झारखंड में भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्ष के साथ मनाया जा रहा है। सावन पूर्णिमा के मौके पर मनाए जा रहे इस पर्व पर इस बार कई शुभ संयोग बन रहे हैं। 19 साल बाद रक्षाबंधन के दिन भद्रा नक्षत्र का अशुभ प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है।


रांची के मोरहाबादी मैदान में सामाजिक संगठन की महिलाओं ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को राखी बांधी।

सुबह से ही लड़कियां, युवतियां और महिलाएं अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधने के लिए तैयारी में जुटी हैं। सात साल बाद बने पंचांग के शुभ संयोग इस बार रक्षाबंधन के लिए काफी फलदायी माना जा रहा है। इससे पहले 15 अगस्त को सूर्योदय से पूर्व ही भद्रा नक्षत्र समाप्त हो गया।

राजभवन में विकास भारती के सचिव पद्मश्री अशोक भगत को राखी बांधतीं राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू।

ज्‍योतिषियों के अनुसार सूर्य कर्क राशि में तथा चंद्र मकर राशि में एवं बृहस्पति ग्रह का चार दिन पूर्व ही मार्गी होना अत्यंत दुर्लभ संयोग है। पूर्णिमा तिथि 14 अगस्त को दोपहर बाद से 15 अगस्त को 3.58 बजे तक रहेगी।

रक्षाबंधन की पूजा-विधि
राखी बांधते हुए इस मंत्र उच्चारण करें। येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।। अर्थ जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षे (राखी), तुम अडिग रहना। अपने रक्षा के संकल्प से कभी भी विचलित मत होना।

शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा मुहूर्त प्रात: काल से 3.58 तक। रक्षा बंधन मुहूर्त प्रात: 5.45 से सायं 06.01 तक। रक्षा बंधन विशेष शुभ मुहूर्त अपराहन 1.43 से सायं 4.20 तक।

Posted By: Alok Shahi