रांची, राज्य ब्यूरो। सुदूर अंडमान-निकोबार में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए हवाई जहाज की अनुमति नहीं देने के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आरोप पर केंद्रीय रेल व वाणिज्यमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हेमंत गलत बोल रहे हैं। मुख्यमंत्री उन्हें गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि भेजें। वे तुरंत इसकी अनुमति दिलवा देंगे। दैनिक जागरण के ई-राउंडटेबल में केंद्रीयमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का रुख सहयोग करने का रहा है। मिलकर काम करने से ही प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि बगैर तथ्यों के बात नहीं रखनी चाहिए। रेल गाडिय़ों को लेकर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आरोप लगाए थे। उन्होंने स्वयं फोन पर बातचीत कर कहा कि वे जितनी चाहें गाडिय़ां ले सकते हैैं। अभी तक उनकी ओर से पूरी सूची नहीं मिली है। कहा कि उनको सेवा नहीं करनी है। ऐसे राजनीतिक आरोपों से दुख होता है। 

21 मई को केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखा था मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 21 मई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को हवाई जहाज की अनुमति के लिए लिखा था। इसमें जिक्र था कि अंडमान-निकोबार समेत देश के सुदूर इलाकों अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, नागालैैंड, सिक्किम, त्रिपुरा आदि प्रदेशों में प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए हवाई जहाज की अनुमति प्रदान करें। केंद्रीयमंत्री पीयूष गोयल के बयान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि हवाई जहाज के लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय की अनुमति आवश्यक है। रेलमंत्री किस आधार पर इसके लिए पत्र मांग रहे हैैं, यह वही बता सकते हैैं।

रंग लाई माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुहिम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अथक प्रयास से एयर एशिया के फ्लाइट से कल सुबह 8:15 बजे झारखंड के 180 प्रवासी मजदूर मुंबई से वापस अपने घर आ रहे हैं। इस पुनीत कार्य में एलुमनाई नेटवर्क ऑफ नेशनल  लॉ स्कूल,  बंगलोर द्वारा किये गए सहयोग को मुख्यमंत्री ने सराहा।  मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन प्रवासी मजदूरों की सहायता के अपने वादे को पूरा करने के लिये कृतसंकल्पित है।

हवाई जहाज से झारखंड के 180 प्रवासी मजदूर मुंबई से आएंगे रांची

उन्होंने इस हेतु केंद्र सरकार से कई बार समन्वय भी स्थापित किया। उन्होंने पत्र के माध्यम से झारखंड के प्रवासी मजदूरों के हित के लिये केंद्र सरकार से आग्रह किया कि झारखण्ड के कई प्रवासी मजदूर जो दूर के अन्य राज्यों में फंसे है, जहां से उन्हें ट्रेन एवं बस के माध्यम से घर वापस लाना काफी कठिन हो रहा है। उन सभी जगहों से स्पेशल फ्लाईट के माध्यम से उन्हें रांची लाय़ा जा सके। फ्लाईट से मजदूरों को घर वापस लाने हेतु मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह से भी पत्र के माध्यम से आग्रह किया था।  मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जहां एक ओर झारखंड में रह रहे जरूरतमंदों के रहने खाने की व्यवस्था की जा रही वहीं, राज्य के बाहर फंसे लोगों के घर वापसी के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।  इसके साथ साथ सरकार वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी कार्य तेजी से कर रही है।  

Posted By: Alok Shahi

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