रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड लोक सेवा आयोग की छठी सिविल सेवा परीक्षा के फेर में सातवीं सिविल सेवा परीक्षा लटकी हुई है। छठी सिविल सेवा परीक्षा पूरी नहीं होने के कारण सातवीं परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा के इंतजार में हैं। दूसरी तरफ, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) छठी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद एक साथ तीन सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित करने के प्रयास में है।

इसके तहत वर्ष 2017, 2018 व 2019 के लिए एकीकृत संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जानी है। इसके लिए विभिन्न विभागों से रिक्तियां भी मांगी गई हैं। लेकिन, जबतक छठी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का परिणाम प्रकाशित नहीं हो जाता, तबतक इस एकीकृत संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।

18 के बदले हुई महज पांच परीक्षा

झारखंड गठन से लेकर अबतक 18 सिविल सेवा परीक्षा होनी चाहिए थी। लेकिन विभिन्न विवादों के कारण अभी तक पांच सिविल सेवा परीक्षाएं ही पूरी हो पाई हैं। बता दें कि पूर्व मुख्य सचिव वीएस दुबे की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी ने पांच साल पहले ही यह परीक्षा प्रत्येक वर्ष आयोजित करने की अनुशंसा की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। छठी सिविल सेवा परीक्षा की प्रक्रिया ही वर्ष 2014 से चल रही है, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। 

Posted By: Alok Shahi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप