रांची : पचास हजार रुपये की चार्टर्ड साइकिलों को राजधानी में सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। हर दिन औसतन पंद्रह साइकिलें खराब हो रही हैं। कंपनी का दावा है कि इनमें से ज्यादातर जानबूझ कर तोड़ी जा रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि साइकिल शेयरिग व्यवस्था की शुरुआत के बाद अब तक 600 से ज्यादा साइकिलों की मरम्मत की गई है। आज भी साइकिलों का टूटना या तोड़ा जाना बरकरार है। टूटी साइकिलों की मरम्मत के लिए सामलौंग में सर्विस सेंटर बनाया गया है। ज्ञात हो कि तीन मार्च को चार्टर्ड साइकिल सर्विस शुरू होने के बाद साइकिलों के दुरुपयोग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। उनमें से एक तस्वीर में एक युवक साइकिल चला रहा था और दूसरा साइकिल के आगे कैरियर पर बैठा था। लोगों द्वारा साइकिल तोड़े जाने की बात उसी आधार पर की जा रही है। कंपनी के मैनेजर शशि रंजन का कहना है कि नई साइकिल का स्पोक चलाने भर से नहीं टूटता। फ्रीव्हील और लॉक जैसी चीजें जान-बूझ कर ही तोड़ी जा रही हैं। स रत और भोपाल के मुकाबले पंद्रह गुना ज्यादा है डैमेज डाटा -

लोगों द्वारा साइकिल तोड़े जाने के पक्ष में कंपनी द्वारा अन्य शहरों का डाटा दिया गया, जहां इसी गुणवत्ता की यही साइकिलें प्रयोग में लाई गई हैं। डाटा के अनुसार सूरत और भोपाल में साइकिलें खराब होने का औसत महज एक है। कंपनी द्वारा कहा गया कि अन्य शहरों के मुकाबले रांची की सड़कों में भी कोई खास अंतर नहंी है। ऐसे में साइकिलों का टूटना चिंता का विषय है। कहीं साइकिलें रखने की जगह नहीं, कहीं पार्किंग जोन बनी स्टैंड - साइकिल शेयरिग की बदहाल व्यवस्था के लिए काफी हद तक कंपनी भी जिम्मेवार है। साइकिल की किसी स्टैंड पर साइकिल खड़ी करने की जगह नहीं है और कहीं एक भी साइकिल नहीं। ऐसे में खाली स्टैंड का प्रयोग लोग कार और बाइक खड़ी करने के लिए कर रहे हैं। सभी स्टैंडों पर साइकिल की उचित उपलब्धता के लिए बैलेंसिंग वैन पेट्रोलिंग करती है। यह साइकिलों को एक स्टैंड से दूसरे स्टैंड पर ले कर जाती है। लेकिन फिर भी साइकिल की उपलब्धता को ले कर समस्या बनी है। सभी मिसिंग साइकिलें हुई रिकवर, अब 60 स्टैंड पर 600 साइकिल -

कंपनी का दावा है कि राजधानी की मांग को देखते हुए पर्याप्त साइकिलें उपलब्ध हैं। सभी तीन मिसिंग साइकिलें रिकवर हो चुकी हैं। अब शहर के 60 स्टैंड पर कुल 600 साइकिल हैं। कंपनी का कहना है कि मांग के अनुसार साइकिल की उपलब्धता तय की जाएगी। साइकिल स्टैंड पर वॉलेंटियर भी तैनात किए गए हैं। सुबह 5 से 8 बजे तक और शाम में 6 से 9 बजे तक वे स्टैंड पर साइकिल की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।

Posted By: Jagran

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