रांची, जासं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रांची आगमन की तैयारियां तेज हो गई है। कार्यक्रम में रांची जिला के 40 हजार और 60 हजार किसान विभिन्न जिलों से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। एचईसी के जगन्नाथपुर मैदान में मानधन योजना का शुभारंभ होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न राज्यों के सात किसानों को मौके पर पेंशन योजना का लाभ देंगे। इन लाभुकों में रांची के दो, त्रिपुरा, बिहार, गुजरात, हरियाणा और तमिलनाडु के एक-एक किसान कार्यक्रम में शामिल होंगे।

योजना के तहत तीन-तीन हजार रुपये पेंशन के तौर पर दिए जाएंगे। इसमें 18- 40 वर्ष के किसानों को शामिल किया जाएगा। 20 वर्ष तक कम से कम लाभुकों को इसका प्रीमियम देना है। प्रीमियम की आधी राशि सरकार और आधी लाभुक देंगे। 18 वर्ष के लाभु़क को 55 वर्ष और 40 वर्ष के लाभुक को 200 रुपये देने होंगे। दोपहर 12 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। वहीं, लाभुकों को कार्यक्रम स्थल लाने के लिए 800 बसों की आवश्यकता पड़ेगी।

40 हजार किसानों को रांची जिला के विभिन्न प्रखंडों से किसानों को लाना है। वहीं, 60 हजार किसानों को बोकारो, लातेहार, खूंटी, गुमला, लोहरदगा सहित अन्य जिलों से लाना है। बसों की व्यवस्था की जिम्मेदारी डीटीओ को सौंपा गया है। इसे संबंध में स्कूल के प्रबंधकों के संग डीटीओ ने बैठक भी की थी।

एचईसी कर्मचारियों को पीएम से बड़ी घोषणा की उम्मीद
दो दिनों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रांची के श्री जगन्नाथ एचईसी मैदान में आने वाले हैं। उनके आने की तैयारी प्रशासन के द्वारा की जा रही है। ऐसे में एचईसी के कर्मचारियों को भी प्रधानमंत्री से काफी संभावनाएं हैं। कर्मचारियों के लिए सबसे अहम मुद्दा एचईसी को परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन करना है। जानकारों के मुताबिक एचईसी को परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन करने की प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में है। प्रधानमंत्री इसके बारे में जल्द ही घोषणा कर सकते हैं।

हालांकि ये अभी साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री अपने इस दौरे में एचईसी कर्मचारियों को ये तोहफा देंगे या नहीं। एचईसी को परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन करने की प्रक्रिया पिछले दो सालों से चल रही है। इसके लिए कई अहम प्रक्रिया को कंपनी के द्वारा पूरी की जा चूकी है। अगर एचईसी परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन कर दिया जाता है तो घाटे में जा रही कंपनी के लिए बड़ी राहत होगी। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही एचईसी 780 करोड़ का वर्क ऑडर मिला था। कंपनी के द्वारा इस वर्क ऑडर को पूरा करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। ऐसे में अगर कंपनी को परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन किया जाता है तो इससे एचईसी के कर्मचारियों और कंपनी को भी बड़ा फायदा हो सकता है।

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