यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नक्सलियों पर चौतरफा कार्रवाई की तैयारी
नक्सलियों पर चौतरफा कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने नक्सलियों का जिलावार डाटाबेस तैयार कर लिया है।

रांची, [दिलीप कुमार] । नक्सलियों पर चौतरफा कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने नक्सलियों का जिलावार डाटाबेस तैयार कर लिया है। इसमें नक्सलियों के नाम व पते के अलावा उनके मूवमेंट के स्थान, उनके मिलने-जुलने वालों के नाम व पते तक पुलिस को मिल गए हैं। अब हमले की रणनीति के साथ पुलिस नक्सलियो की मांद में घुसने को तैयार है।
जिला बल, सीआरपीएफ, झारखंड आर्म्ड पुलिस (जैप), इंडियन रिजर्व बटालियन (आइआरबी) के अलावा पुलिस मुख्यालय झारखंड जगुआर के मारक दस्ते को तैयार किया है। 40 असाल्ट ग्रुप (मारक दस्ते) को तैयार किया गया है। यह दस्ता नक्सलियों की मांद में पूरी रणनीति के तहत घुसेगा। इसके लिए बार्डर सिक्यूरिटी फोर्स (बीएसएफ) के असिस्टेंट कमांडेंट स्तर के 10 अफसर रांची आए हैं। 15 अफसरों को आना था, जिसमें दो अफसरों को प्रोन्नति मिल गई है, जिसके कारण उनका झारखंड दौरा फिलहाल टल गया है।
अन्य तीन अफसर आएंगे या नहीं, इसकी अटकलें लगाई जा रही हैं। इसके अलावा वर्तमान में अन्य मारक दस्ते का नेतृत्व करने के लिए झारखंड जगुआर के डीएसपी व केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के असिस्टेंट कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट स्तर के पदाधिकारी तैयार हैं। हालांकि, अब भी 15 अफसर कम हैं, जिन्हें पूरा करने की कोशिश में पुलिस मुख्यालय जुटा हुआ है। झारखंड में वर्तमान में सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट स्तर के 14 अधिकारी पहले से तैनात हैं। वर्तमान में वे झारखंड के 14 उग्रवादग्रस्त जिलों में एएसपी अभियान हैं।-
वर्तमान में जो मारक दस्ते के नेतृत्व के लिए तैयार हैं-
बीएसएफ के 10 असिस्टेंट कमांडेंट।- झारखंड पुलिस सर्विस के 10 डीएसपी।- सीआरपीएफ के चार असिस्टेंट कमांडेंट।- सीआरपीएफ के एक डिप्टी कमांडेंट।
45 जवानों/अधिकारियों का होता है मारक दस्ता झारखंड जगुआर के एक मारक दस्ते में 45 अधिकारी-जवान होते हैं। प्रत्येक असाल्ट ग्रुप का नेतृत्व करने के लिए झारखंड पुलिस के अधिकारियों ने केंद्र से अर्द्ध सैनिक बल के सहायक कमांडेंट स्तर के पदाधिकारियों की मांग की थी। नक्सलियों के खिलाफ चौतरफा अभियान चलाने के सिलसिले में ही केंद्रीय सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार का कई बार झारखंड दौरा भी हो चुका है। इस अभियान में पड़ोसी राज्यों का भी सहयोग मिलेगा।
सभी राज्य मिलकर अपनी सीमा को सील करेंगे और आपसी समन्वय से अभियान को कारगर बनाएंगे। वर्तमान में मिले बीएसएफ के ये अधिकारी दुश्मनों से लड़ने के सभी तरीकों से बखूबी परिचित हैं, जिसका लाभ झारखंड के जंगल में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के लिए झारखंड जगुआर का 40 मारक दस्ता तैयार है। दस्ते के नेतृत्व के लिए केंद्र से पदाधिकारियों की मांग की गई थी। कुछ मिले हैं, कुछ का इंतजार है।'
आशीष बत्रा, आइजी ऑपरेशन, झारखंड।
