विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने दाखिल किया नामांकन, झामुमो-राजद-वामपंथी भी रहे साथ

Published: Mon, 08 Jun 2026 04:41 PM (IST)

झारखंड में राज्यसभा की दो खाली हो रही सीटों में से एक पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने रांची में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।

कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने दाखिल किया नामांकन, झामुमो-राजद-वामपंथी भी रहे साथ

कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने दाखिल किया नामांकन, झामुमो-राजद-वामपंथी भी रहे साथ

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में राज्यसभा के लिए खाली हो रही दो सीटों में से एक पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर नामांकन करने पहुंचे प्रणव झा ने कुल दो सेट में अपना आवेदन दिया।

दोनों सेटों में कांग्रेस, झामुमो, राजद और वामपंथी विधायकों का समर्थन पत्र शामिल है। कांग्रेस कोटे के चार में से तीन मंत्रियों ने उनके पक्ष में प्रस्तावक बनकर प्रणव की स्थिति मजबूत की।

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी अपने करीबी का इलाज कराने बेंगलुरु गए थे और इस कारण से उनका हस्ताक्षर आवेदन पत्र पर नहीं हो सका। हालांकि, साेमवार को वे विधानसभा पहुंचे थे और कांग्रेस नेताओं के बीच उनकी मौजूदगी देखी गई।

नामांकन के दौरान राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए भूपेश बघेल, अजय शर्मा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और प्रदेश कांग्रेस की समस्त टीम मौजूद थी। कांग्रेस के सभी विधायकों की मौजूदगी भी विधानसभा में नामांकन के दौरान दिखी।

प्रणव ने दो सेट में किया नामांकन

कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने दो सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। पहले सेट में नामांकन के प्रस्तावकों में विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव, विधायक भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, सुरेश बैठा, कुमार जय मंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह रहे। दूसरे सेट में उनके प्रस्तावकों में सबसे पहला नाम झामुमो विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन का रहा।

इसके बाद राजद के संजय प्रसाद यादव, सुरेश पासवान, फिर झामुमो के मंगल कालिंदी, दीपक बिरुवा, निरल पूर्ति, भूषण तिर्की, सुखराम उरांव, नरेश प्रसाद सिंह और माले विधायक अरुप चटर्जी रहे।

यह भी पढ़ें- झारखंड में थम गया सियासी बवंडर: संकटमोचक बने बघेल, कांग्रेस-झामुमो विवाद खत्म