रांची, राज्य ब्यूरो। बिजली उत्पादक कंपनियां बकाया रहने के बावजूद अगले तीन माह तक आपूर्ति में कटौती नहीं कर पाएंगी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने कोरोना से बचाव के मद्देनजर यह आदेश जारी किया है। मंत्रालय के मुख्य अभियंता (आपरेशंस एंड मेंटेनेंस) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस दौरान बिजली खरीद समझौता (पावर परचेज एग्रीमेंट) की शर्तें कमोवेश शिथिल रहेंगी।

दरअसल, विद्युत उत्पादक कंपनियां पीपीए के वक्त राज्य सरकारों की वितरण इकाइयों से लेटर आफ क्रेडिट लेती हैं। गौरतलब है कि हाल ही में बकाया भुगतान नहीं होने के कारण दामोदर वैली कॉरपोरेशन ने झारखंड की बिजली में कटौती की थी। इससे उन आठ जिलों में भारी किल्लत हो गई थी, जो डीवीसी के कमांड क्षेत्र में आते हैं।

उपभोक्ताओं को भी मिलेगी राहत

झारखंड विद्युत वितरण निगम लाकडाउन से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत बिल नहीं चुका पाने वाले उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। राजस्व में कमी के मद्देनजर बिजली निगम ने बकायादारों का कनेक्शन काटने की मुहिम को भी शिथिल कर दिया है।

इधर, बिजली वितरण निगम ने कहा है कि उपभोक्ताओं से लेट पेमेंट सरचार्ज (एलपीएस) नहीं वसूल किया जाएगा। बिजली वितरण निगम ने मार्च के बिजली बिल में एलपीएस से राहत दी है। केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग का निर्देश के अनुसार बिजली उत्पादक इकाइयों को भी राहत मिलेगी।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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