रांची, राज्य ब्यूरो। Political Crisis In Jharkhand झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो 20 से 26 अगस्त को हैलीफैक्स, कनाडा में होने वाली राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की 65वीं बैठक में भाग नहीं लेंगे। विधानसभा सचिवालय ने उनके दौरे की तैयारी पूरी कर रखी थी, लेकिन दौरा अंतिम समय में स्थगित हो गया। विधानसभा सचिवालय के मुताबिक व्यक्तिगत कारणों से विधानसभा अध्यक्ष बैठक में भाग नहीं ले पाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि क्षेत्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए उन्होंने विदेश दौरे पर जाने से परहेज किया। विधानसभा अध्यक्ष के साथ-साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा के मझगांव के विधायक निरल पूर्ति ने भी अपना दौरा टाल दिया है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल गोमिया के आजसू विधायक लंबोदर महतो अकेले बैठक में शिरकत करेंगे।

इसलिए विधानसभा अध्यक्ष का रहना अभी जरूरी

बताया जा रहा है कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष ने अपना दौरा टाल दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े मामलों की हाई कोर्ट और निर्वाचन आयोग में सुनवाई चल रही है। ऐसे में कोई भी फैसला आ सकता है, जिसका असर पड़ सकता है। ऐसी परिस्थिति में विधानसभा अध्यक्ष समेत झामुमो विधायक की मौजूदगी आवश्यक होगी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष को झारखंड राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होना था। इस बैठक की तैयारियों के निमित्त लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ हुई बैठक में उन्होंने हाल ही में भाग लिया था।

चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट का आनेवाला है फैसला

मालूम हो कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग में भाजपा ने शिकायत कर रखी है कि उन्होंने खान विभाग के मंत्री रहते अपने नाम से खनन लीज ले लिया है। इस मामले में चुनाव आयोग अब फैसला सुनाने वाला है। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन आगे पीछे सुनवाई पूरी की कर फैसला सुरक्षित रखने की बात कही है। ये दोनों संस्थाएं अब किस तरह का फैसला सुनाएंगी, इस महीने के आखिर तक स्पष्ट हो जाएगा। फैसले अगर हेमंत सोरेन के विपरित आते हैं तो झारखंड में सियासी भूचाल आ सकता है। मामला मुख्यमंत्री की विधानसभा सदस्यता से संंबंधित है।

भाजपा सांसद कर चुके हैं बड़े बदलाव का दावा

उधर, भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे पहले ही कह चुके हैं कि 31 अगस्त के बाद झारखंड में बड़ा बदलाव संभव है। भाजपा सांसद का इशारा हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर ही है। ऐसे में झारखंड में सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। निशिकांत दुबे ने बकायदा प्रेस कांफ्रेंस में सत्ता परिवर्तन का दावा किया था। इसलिए सियासत भीतर ही भीतर तेज हो गई है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष और झामुमो विधायक द्वारा विदेश दौरा रद कर दिए जाने से इस आशंका को और बल मिल गई है।

एक साथ कई आरोपों का सामना कर रहे हेमंत

मालूम हो कि हेमंत सोरेन इन दिनों कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। ईडी, चुनाव आयोग, झारखंड हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ एक साथ कई मामले चल रहे हैं। उनके दो करीबी विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद इस समय जेल की हवा खा रहे हैं। इनके अलावा कई अन्य नजदीकी भी जेल में बंद हैं। कुल मिलाकर हालात हेमंत सोरेन के विपरित बताए जा रहे हैं। इतना ही नहीं उनकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के तीन विधायक इरफान अंसारी, नमन विक्सल और राजेश कच्छप भी नकद रुपयों के साथ गिरफ्तार हो चुके हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने तीनों को जमानत तो दे दी है, लेकिन कोलकाता से बाहर जाने की इजाजत नहीं है।

Edited By: M Ekhlaque