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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agarwal Brothers Murder Case: अग्रवाल बंधु हत्याकांड का मुख्‍य आरोपित लोकेश चौधरी के ब्रेन मैपिंग टेस्ट की तैयारी

By Kanchan SinghEdited By:
Published: Sat, 30 Jan 2021 04:35 PM (IST)Updated: Sat, 30 Jan 2021 08:56 PM (IST)

Agarwal Brothers Murder Case रांची के चर्चित अग्रवाल बंधु हत्याकांड के आरोपित लोकेश चौधरी का ब्रेन मैपिंग टेस्ट की तैयारी ...और पढ़ें

Agarwal Brothers Murder Case: रांची पुलिस अग्रवाल बंधुओं की हत्या में लोकेश चौधरी के ब्रेन मैपिंग टेस्ट करा सकती है।
Agarwal Brothers Murder Case: रांची पुलिस अग्रवाल बंधुओं की हत्या में लोकेश चौधरी के ब्रेन मैपिंग टेस्ट करा सकती है।

रांची, जासं। Agarwal Brothers Murder Case रांची के चर्चित अग्रवाल बंधु हत्याकांड के आरोपित लोकेश चौधरी का ब्रेन मैपिंग टेस्ट की तैयारी में पुलिस जुटी है। इसके लिए पुलिस ने कोर्ट को आवेदन दिया था। कोर्ट की अनुमति मिलते ही पुलिस की टीम  लोकेश चौधरी को लेकर ब्रेन मैपिंग टेस्ट के लिए कोलकाता के लिए रवाना होगी। पुलिस के मुताबिक यह नौबत इसलिए आई है चूंकि तीन दिनों की रिमांड पर लेकर हुई पूछताछ में  लोकेश चौधरी गुमराह करता रहा।

सूत्रों के मुताबिक  पुलिस के पास लोकेश चौधरी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। पुलिस  साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट की तैयारी में भी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि चैनल के दफ्तर में उसे किस परिस्थिति में गोली मारी गई थी। चूंकि पूर्व में पकड़े गए आरोपितों ने बताया था कि लोकेश के कहने पर गार्ड ने गोली मारकर अग्रवाल बंधुओं ने हत्या कर दी थी।

गौरतलब हो कि छह मार्च 2019 को लालपुर निवासी हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लोकेश चौधरी ने लालपुर में रहनेवाले अग्रवाल बंधुओं से उधार में बड़ी रकम ली थी। लेनदेन के सिलसिले में उसने व्यवसायी हेमंत अग्रवाल व भाई महेंद्र अग्रवाल को अपने चैनल दफ्तर में बुलाया था और दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद लोकेश चौधरी उसी दिन जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के कचनार टोली स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट पहुंचा था। वहां से पत्नी व बच्चों को लेकर सीधे बिहार भाग निकला था।

हत्याकांड में शामिल तीन भेजे गए थे जेल

अग्रवाल बंधु हत्याकांड में शामिल पांच में से तीन लोग ही अभी जेल में हैं। हत्या के दो दिन बाद आठ मार्च को पहले पुलिस ने लोकेश चौधरी के ड्राइवर शंकर को गिरफ्तार किया था। फिर बाडीगार्ड सुनील सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जबकि एक अन्य बाडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी ने कोर्ट में सरेंडर किया था। दोनों बाडीगार्ड ने खुलासा किया था कि पैसे को लेकर दोनों भाइयों की हत्या लोकेश चौधरी व एमके सिंह ने की थी। हत्या के बाद अग्रवाल बंधुओं का करोड़ों रुपये लेकर  दोनों फरार हो गए थे। रकम कितनी थी अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।

9 दिसंबर को कोर्ट में किया था सरेंडर 

रांची के अशोक नगर रोड नंबर एक स्थित साधना न्यूज के कार्यालय में छह मार्च 2019 की शाम हुई दो सगे भाइयों हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या का मुख्य आरोपित लोकेश चौधरी ने बीते 9 दिसम्बर को कोर्ट में सरेंडर किया था। लंबे समय से वह रांची पुलिस को चकमा देकर फरार था। इस मामले में फिलहाल एमके सिंह अब पुलिस गिरफ्त से दूर है। पुलिस सरेंडर से पहले यह  पता भी लगा नहीं पाई थी कि लोकेश चौधरी कहां छिप कर रह रहा था।

रांची पुलिस ने लोकेश और एमके सिंह को गिरफ्तार करने के लिए घटना के बाद तीन विशेष टीमों का गठन किया था।  लेकिन लोकेश चौधरी और एमपी सिंह का कोई अता पता नहीं चल पाया था। पुलिस ने लोकेश चौधरी के घर कुर्की जब्ती की कार्रवाई भी की थी। लोकेश के जगन्नाथपुर इलाका स्थित स्थित फ्लैट में कुर्की जब्ती की कार्रवाई की थी। इसके बावजूद दोनों अब तक फरार चल रहे थे।