रांची, जासं। रांची में लॉ छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने शुक्रवार को सभी 12 आरोपितों के खिलाफ 309 पन्ने की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। स्पीडी ट्रायल कर आरोपितों को सजा दिलाई जाएगी। नुसंधानकर्ता डीएसपी मुख्यालय वन के डीएसपी नीरज कुमार ने कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष चार्जशीट पेश किया। चार्जशीट में आरोपितों के खिलाफ लगाए गए एससी/एसटी एक्ट को हटा लिया गया है। ऐसा आरोपित और पीड़ित दोनों ही के एसटी होने के कारण किया गया है। बता दें कि 26 नवंबर की शाम कांके रिंग रोड स्थित संग्रामपुर बस स्टैंड से लॉ छात्रा को अगवा कर आरोपितों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।

एफएसएल की रिपोर्ट

पुलिस को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट में चार व्यक्तियों के सीमेन होने के सुबूत मिले हैं। अन्य आठ आरोपितों ने प्रत्यक्ष तौर पर सहयोग किया था। स्पीडी ट्रायल कर दुष्कर्म के आरोपितों को सजा दिलाई जाएगी। एक दिसंबर को ही पुलिस ने पीड़िता द्वारा टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआइपी) में पहचान करवाई थी और 164 का बयान कराया था।

 इनके खिलाफ हुई चार्जशीट

आरोपितों में कांके थाना क्षेत्र के संग्रामपुर गांव निवासी सुनील मुंडा, कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, अमन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव और ऋषि उरांव शामिल हैं। इनमें सुनील मुंडा के पास से ही हथियार और छात्रा का मोबाइल बरामद किया गया था। इस वजह से वह अलग से दर्ज किए गए आर्म्स एक्ट के मामले का आरोपित है।

Posted By: Alok Shahi

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