रांची, जेएनएन। Covid19 Vaccination, Jharkhand News प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कामकाजी वर्ग को बड़ी राहत दी है। जो जहां काम कर रहा है, उसे अब वहीं कोरोना टीका लगेगा। इसके लिए राज्‍यों में तैयारियां शुरू कर दी गई है। झारखंड के सभी सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में कोरोना वैक्‍सीन लगेगा। इस महती अभियान की शुरुआत 11 अप्रैल से होगी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान में और तेजी लाने के तहत इस अभियान शुरू कर रहा है। इसके लिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने अब सभी सरकारी और निजी कार्यस्थलों में कार्यरत कर्मियों को टीका लगाने की अनुमति दे दी है। किसी भी राज्य में 100 कर्मचारियों वाले सरकारी या निजी कार्यस्थलों पर 11 अप्रैल से कैंप लगाकर कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस बारे में सभी राज्यों को चिट्ठी लिखी है।

कार्यस्‍थल पर लगेगा कोरोना टीका, देखें सरकार का दिशानिर्देश

  • कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को ही लगेगा कोरोना टीका
  • कर्मचारी के परिजन या किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं लगेगा कोरोना टीका
  • कार्यालय का वरिष्‍ठ सदस्‍य नोडल अधिकारी बनाया जाएगा
  • नोडल अधिकारी कोरोना टीकाकरण के लिए टीकाकरण केंद्रों से को-ऑर्डिनेट करेगा
  • संस्‍थान का कर्मचारी चाहे तो को-विन पोर्टल पर भी पंजीकरण करा सकता है
  • सभी कार्यालयों में ऑन स्‍पॉट कर्मचारियों का रजिस्‍ट्रेशन होगा
  • सभी जिले में जिलाधिकारी/नगर आयुक्त सरकारी/निजी कार्यालयों की पहचान करेंगे

आधे से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में, चिकित्सक रोज लेंगे हालचाल

राज्य में कुल संक्रमित मरीजों में आधे से अधिक होम आइसोलेशन में हैं। चार अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 5,244 थी, जिनमें 3,550 होम आइसोलेशन में रह रहे थे। इनमें रांची के 2,446, पूर्वी सिंहभूम के 217, दुमका के 150, साहिबगंज के 100, कोडरमा के 90, बोकारो के 86 तथा रामगढ़ के 81 मरीज शामिल हैं। अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ला ने होम आइसाेलेशन में रह रहे मरीजों की नियमित निगरानी करने के निर्देश सभी जिलों के सिविल सर्जनों को दिए हैं। साथ ही 104 हेल्पलाइन संचालित करनेवाली एजेंसी को जिलों से प्राप्त मरीजों की सूची के अनुसार, चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों द्वारा रैंडम तथा नियमित रूप से मरीजों का हालचाल लेने के निर्देश दिए हैं।

मरीज की तबीयत अधिक खराब होने पर इसकी सूचना जिला प्रशासन तथा जिला सर्विलांस पदाधिकारी को देने के निर्देश दिए हैं ताकि मरीज को अविलंब अस्पताल में भर्ती किया जा सके। उन्होंने आइसाेलेशेन में रह रहे मरीजों की राज्य स्तर पर निगरानी के लिए उपिनदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डा. कृष्णा कुमार को नोडल पदाधिकारी बनाया है। बता दें कि राज्य सरकार ने होम आइसालेशन में रह रहे मरीजों के लिए पोर्टल स्वरक्षा डाट एनआइसी डाट इन भी तैयार किया है। बिना लक्षण वाले मरीज इस पोर्टल पर निबंधन कराकर होम आइसाेलेशन में रह सकते हैं।

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