रांची, [संजय कुमार]। Coronavirus Lockdown कोरोना वायरस को लेकर देश में आए इस संकट के समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विद्यार्थियों के बीच काम करनेवाले अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अधिकारी व कार्यकर्ता दिन रात लोगों की सेवा में लगे हैं। लाकडाउन के कारण संकट के इस समय देश के अलग शहरों में छात्रावासों में फंसे विद्यार्थियों की हर तरह की चिंता दूर करने का प्रयास इस संगठन से जुड़े हजारों लोग कर रहे हैं।

जरूरतमंदों को जहां खाना खिला रहे हैं तो  प्रतियोगी परीक्षाओं की आनलाइन तैयारी भी विशेषज्ञों से करवा रहे ह़ैं। अभाविप से जुड़ी छात्राएं घरों में मास्क बनाकर बांट रही हैं। अधिकारी व कार्यकर्ता सभी मिलकर पीएम केयर फंड के लिए राशि भी जुटा रहे.हैं। अब तक 88 लाख 50 हजार से ज्यादा रुपये संग्रह कर फंड म़े जमा कर चुके हैं। 22 अप्रैल तक की आंकड़ों के अनुसार देश के लगभग 500 जिलों कै 11,880 स्थानों पर राहत कार्य चलाया गया।

प्रत्येक दिन 10 हजार से अधिक कार्यकर्ता लगे हैं सेवा कार्य में

अभाविप की अखिल भारतीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने दैनिक जागरण से बातचीत करते हूए कहा कि देश के सभी राज्यों में सेवा का कार्य चल रहा है।  एक अप्रैल से प्रत्येक दिन औसतन 10 हजार कार्यकर्ता सेवा कार्य में जुटे हैं। उप्र में जहां 1700 वहीं दिल्ली में 300, कर्नाटक में 186, झारखंड में 100 व मध्यप्रदेश में 394 कार्यकर्ता. लगे हैं। सभी जिलों में आनलाइन नंबर जारी है जहां फोन करने पर मदद पहुंचाने का काम किया जा रहा है। अब तक फोन करने वाले 67,749 लोगों को मदद पहुंचाने का काम किया गया। 4800 कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया है।

6 लाख विद्यार्थियों तक राशन पहुंचाया गया

निधि त्रिपाठी ने कहा कि अभाविप के कार्यकर्ता अब तक देश के अलग - अलग शहरों में 6 लाख विद्यार्थियों व 13 लाख 29 हजार परिवारों में राशन पहुंचाने का काम कर चुके हैं। दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु, जम्मू, रांची, पटना व गोवाहाटी में फंसे विद्यार्थियों की लगातार मदद जारी है। दिल्ली में तो पूर्वोत्तर भारत के विद्यार्थियों का खास ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही दूसरे जरूरतमंदों की देखभाल कर रहे हैं।

परीक्षाओं की आनलाइन करा रहे हैं तैयारी

 कालेज में पढने वाले एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अभाविप ने आनलाइन पढाई की व्यवस्था की है। प्रत्येक दिन अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ आनलाइन कक्षा लेते हैं, जिससे जुङकर विद्यार्थी अपने घर या छात्रावास से लाभ उठाते हैं। झारखंड में इस तरह की 86 कक्षाएं आयोजित की गई है।

Posted By: Alok Shahi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस