हंटरगंज (चतरा), [अमरेंद्र प्रताप सिंह]। चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड के गांवों की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में जुटे अधिकारियों के घपले एक से बढ़कर एक हैं। जिस पर उनकी मेहरबानी हुई, उसका बेड़ा पार ही समझिए। जीवित तो छोड़‍िए, मुर्दे को भी पक्का मकान देकर उपकृत कर देते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है पैनीकलां पंचायत के पैनीकलां गांव में। वहां के निवासी रहे नरेश गंझू के दिवंगत हुए छह साल बीत गए। उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं है। पत्नी की मौत उनकी मृत्यु से पहले हो चुकी थी।

जाहिर तौर पर परिवार का कोई भी व्यक्ति उस योजना से लाभान्वित होने योग्य नहीं रहा। इस बीच मृतक नरेश गंझू के नाम पर 22 फरवरी 2021 को पीएम आवास योजना (आइडी नंबर जेएच 2221178) स्वीकृत कर दी गई। यहीं से खेल प्रारंभ हुआ। गांव के ही सोहराई गंझू को नरेश गंझू बता कर एकरारनामा कर दिया गया। इसका आधार उनकी ओर से दाखिल शपथ पत्र को बनाया गया। उस शपथ पत्र में सोहराई गंझू ने दावा किया है कि उनका ही दूसरा नाम नरेश गंझू है।

अभिलेख में सोहराई गंझू की तस्वीर को नरेश गंझू बता चस्पा कर दिया गया। अभिलेख पर नरेश गंझू के रूप में सोहराई गंझू का हस्ताक्षर लिया गया। इसके साथ ही बैंक आफ इंडिया की दंतार शाखा में स्थित सोहराई गंझू का अकांउट नंबर ( 48781821000155) अंकित करते हुए योजना का जियो टैग कर दिया गया। इस तरह नरेश गंझू की पीएम आवास योजना की राशि के सोहराई गंझू के खाते में जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया। इसके बाद उस अकाउंट में 29 मार्च 2021 को योजना मद की प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये डाल दिए गए।

दो दिन बाद 31 मार्च 2021 को बैंक से उस राशि की निकासी कर ली गई। उसी प्रकार योजना निर्माण में प्रगति दर्शाकर 23 जून 2021 को बतौर दूसरी किस्त 85 हजार रुपये डाले गए। इसके दो दिन बाद 25 जून 2021 को 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसी प्रकार उस अकाउंट से 17 अगस्त को 20 हजार रुपये और 28 अगस्त को 20 हजार रुपये की निकासी कर ली गई।

'मामले की निष्पक्षता के साथ जांच होगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।' -जयाशंखी मुर्मू, प्रखंड विकास पदाधिकारी, हंटरगंज।

Edited By: Sujeet Kumar Suman