रांची, राज्य ब्यूरो। राजस्व की चिंता में दुबली हो रही राज्य सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल पर वैट की दरों में वृद्धि का निर्णय लिया है। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर विभागीय मंत्री ने भी अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए राज्य सरकार इसे लेकर अनिर्णय की स्थिति में है। वाणिज्य कर विभाग ने पेट्रोल में तीन फीसद और डीजल में अपेक्षा अनुकूल वृद्धि करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

इस पर विभागीय मंत्री रामेश्वर उरांव ने अपनी सहमति दे दी है। वाणिज्य कर विभाग ने प्रस्ताव को कैबिनेट के सुपुर्द कर दिया है, माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जा सकता है। बात दें कि राज्य सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल में ढाई-ढाई रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। पिछली सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर दोनों ही उत्पादों पर ढाई-ढाई रुपये की छूट दी थी।

बावजूद इसके राजस्व संग्रह में अपेक्षाकृत वृद्धि नहीं हो पा रही है, इसे देखते हुए वाणिज्य कर विभाग ने एक बार फिर दोनों ही उत्पादों कि वैट दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। बता दें कि पेट्रोल और डीजल दोनों पर ही वर्तमान में 22 फीसद का वैट लगाया गया है। पेट्रोल में प्रति लीटर 15 रुपये या 22 फीसद दोनों में जो अधिकतम हो वैट लिया जा रहा है।

वहीं, डीजल 8.37 रुपये या  22 फीसद दोनों में जो अधिकतम हो वसूला जा रहा है। राज्य सरकार हाल ही में की गई वृद्धि को देखते हुए तत्काल पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाने को लेकर उहापोह की स्थिति में है। लेकिन, राजस्व संग्रह के सीमित संसाधनों को देखते हुए फिलहाल इसे जरूरी माना जा रहा है। संभावना है कि अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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