यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लॉक डाउन का आदेश हवा में, अपने भविष्य की बर्बादी के साथ जुर्म भी कर रहे लोग; तस्वीरें
Jharkhand Lockdown. राज्य के विभिन्न हिस्सों से आ रही सूचना के अनुसार लोग अपने घरों से निकल कर सड़कों पर ...और पढ़ें

रांची, जेएनएन। कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए गए लॉक डाउन की घोषणा का झारखंड में पालन नहीं किया जा रहा है। लोग-बाग अपने घरों से बाहर घूम रहे हैं। सड़कों पर टहल रहे हैं। जनजीवन आम दिनों की तरह नजर आ रहा है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए यह शुभ संकेत नहीं है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आ रही सूचना के अनुसार लोग अपने घरों से निकल कर सड़कों पर हैं। लॉक डाउन की स्थिति में अपने घरों में रहकर खुद को बचाएं और अपनों को बचाएं। प्रधानमंत्री मोदी इसके लिए लगातार आम जनता से अपील कर रहे हैं।
राज्य के सभी जिला उपायुक्तों एवं पुलिस प्रशासन कृपया सुनिश्चित करे कि लॉक डाउन के आलोक में सरकार द्वारा निर्देशित जरूरी चीजों की लिस्ट के अलावा लोग घर से बाहर न घूमे।
अनावश्यक घर से निकलने से कुछ हासिल नहीं होगा, मगर हाँ घर में रहने से हम समाज को बहुत बड़ा सहयोग दे सकते हैं।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) March 23, 2020
हजारीबाग, कोडरमा, गोडडा रांची आदि कई जिलों में लोग नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। झारखंडवासियों को चाहिए कि लॉक डाउन के समय वे अपने घरों में रहें, ताकि कोरोना वायरस से आने वाली एक बड़ी मुसीबत से बचा जा सके। हालांकि झारखंड सरकार ने लॉक डाउन का नियम नहीं मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। बावजूद इसके शहर की सड़कें जाम हैं। आदेश का पालन नहीं हो रहा है। आम लोगों को चाहिए कि अपने शहर, अपने राज्य और अपने देश की सुरक्षा के लिए अपने घरों में रहें। कोरोना वायरस से निपटने के लिए यह जरूरी है।

झारखंड में लॉक डाउन के समय लाेग अपने घरों में रहें। बहुत जरूरत के समय ही अपने घरों से निकलें। आप अभी सचेत हो जाएंगे ताे भविष्य में एक बड़ी विपदा से बच जाएंगे। राशन, सब्जी आदि सामानों की खरीदारी के लिए बाहर निकलें लेकिन इस दौरान ध्यान रखें कि एक जगह पांच से अधिक लोग खड़े न हों। झारखंडवासियों को यहां यह जानना बेहद जरूरी है कि पड़ोसी राज्यों में कोरोना वायरस का संक्रमण का केस सामने आ गया है लेकिन अपना राज्य अभी तक इस महामारी से बचा हुआ है। आगे भी ऐसा ही हालात रहे, इसके लिए राज्यवासियों को चाहिए कि वे अपने घरों में रहें। खाद्य सामग्री की भविष्य में दिक्कत नहीं होगी। इन्हें लॉक डाउन से मुक्त रखा गया है। इसलिए खाद्य सामग्री को इकट्ठा करने के लिए जल्दबाजी न करें। घरों से बाहर बेवजह एकत्र न हों। लॉक डाउन नियम का पालन करें।

जनता कर्फ्यू के बाद शहर में उमड़ी दोगुनी भीड़, प्रशासन का नहीं दिखाई दे रहा है नियंत्रण
रांची में जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन सोमवार को शहर में लॉकडाउन का मजाक उड़ाया जा रहा है। सरकार व प्रशासन के आदेश की खूब अनदेखी हो रही। प्रशासन का इसपर कोई नियंत्रण नज़र नही आ रहा। आम दिनों की तुलना में दोगुनी भीड़ सड़क पर नजर आ रही है। बस, ऑटो, निजी वाहन पैदल चलने वालों की संख्या आम दिनों की तुलना में ज्यादा दिखाई दे रही। शहर की ट्रैफिक आम दिनों की तुलना में ज्यादा जाम है। हर तरफ भागदौड़ की स्थिति है। राशन दुकान, किराना दुकान, दूध, फल, सब्जी सहित हर दुकानों में लूटमार जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही। लोगों में यह जागरूकता के तक नहीं की अनिवार्य सेवा आम लोगों के लिए बहाल रहेगी।

सुबह से ही उमड़ती गयी भीड़
सोमवार की सुबह से ही लोगों की भीड़ सड़कों पर नजर आ रही है। जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन लॉकडाउन के बावजूद सोमवार को परिवहन पर जबरदस्त लापरवाही दिखाई दे रही। किसी भी सड़क पर इक्के-दुक्के ऑटो व बस अगर दिखाई दे रही, तो उसमें लोग कूद पड़ रहे। साठ से सत्तर यात्रियों की क्षमता वाली बसें पर 200 से ज्यादा यात्री सवार दिखाई दिए। ऑटो पर लटककर एक जगह से दूसरे गंतव्य स्थल तक पहुंच रहे। यह नजारा शहर के अमूमन हर कोने का है। शहर से कांटा टोली चौक, लालपुर चौक कचहरी चौक रातू रोड न्यू मार्केट चौक, पिस्का मोड़, हरमू रोड सहित सभी जगहों पर बेधड़क ऑटो का परिचालन हो रहा है।

वायरस का खौफ न सतर्कता
शहरवासियों में कोरोना वायरस का ना खौफ नजर आ रहा ना बचाव के उपाय ना ही सतर्कता। शहर की सड़कों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी लोगों को रोककर हिदायत दे रहे हैं। लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा। पुलिस के बाद लेस सेट पर भी लोगों को वापस भेजने निर्देश लगातार मिल रहा है।

प्रशासन दे रही चेतावनी
आम लोगों की अनदेखी पर पुलिस प्रशासन लगातार चेतावनी दे रही है। पुलिस लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट कर लोगों को चेतावनी दे रही है। दुकानें बंद कराई जा रही। राहगीरों को सड़क से वापस भेजा जा रहा है। पुलिस प्रशासन यह हिदायत दे चुकी है की सीधा से नहीं माने तो पुलिस प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई भी कर सकती है।
