जागरण संवाददाता, राची: सर्दी का मौसम शुरू होते ही विदेशी फलों की मांग बढ़ गई है। बाजार में तरह-तरह के विदेशी फल मौजूद हैं। इनमें लाल सेब, ड्रैगन फ्रूट, आइलैंड का अंगूर, फूजी सेब, ग्रीन सेब, कीवी आदि हैं। इनकी खासियत यह है कि दिखने में आकर्षक होने के साथ-साथ इनका स्वाद भी देशी फलों से काफी अलग होता है। जिसके कारण लोग इसे काफी पसंद करते हैं। खंट्टे-मिट्ठे स्वाद वाले इन विदेशी फलों का इस्तेमाल शादी-विवाह में फ्रूट स्लाद के लिए भी किया जाता है। हालांकि बाजार में देसी फलों की भरमार है। लेकिन मौसमी फलों के अलावा विदेशी फल भी लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। ठंड में बढ़ जाती है मांग

डेली मार्केट व शहर के अन्य फल बाजारों में इन विदेशी फलों की बिक्री पूरे साल होती है। लेकिन ठंड के मौसम इन फलों की मांग खासी बढ़ जाती है। डेली मार्केट फल बाजार में इन दिनों सबसे अधिक चाइना व आस्ट्रेलियाइ सेब, संतरा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा महिलाएं मिट्ठी इमली की भी डिमांड कर रही है।

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किन-किन देशों से है फलों की आवक

अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, चीन, जापान, थाइलैंड, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, नेपाल और इराक आदि देशों के होते हैं। शहर के थोक फल विक्रेता इन फलों को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई तथा बेंगलुरु से हवाई जहाज और रेलगाड़ियों से मंगाते हैं। शहर के मेन रोड, रातू रोड और कचहरी चौक आदि दुकानों में ये उपलब्ध हैं।

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विदेशी फलों की कीमत (प्रतिकिलो)

आस्ट्रेलियन लाल अंगूर- 380 रुपये

आस्ट्रेलियन नाशपाती- 100-180 रुपये

आस्ट्रेलियन सेब -200-240 रुपये

चाइनीज सेब -280 रुपये

चाइनीज संतरा -120 रुपये

चाइनीज नाशपाती -180 रुपये

मीठी इमली (थाइलैंड) -180 रुपये पैकेट

कीवी (न्यूजीलैंड) 28-30 रुपये प्रति पीस

पैसन फ्रूट- 280 रुपये

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-एमडी नईम, फल विक्रेता, डेली मार्केट

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विदेशी फलों की सप्लाई दिल्ली से हो रही है। ये फल शादी विवाह समारोह में फ्रूट सलाद के काम भी आते हैं। इसलिए इनकी बिक्री अधिक होती है। साथ ही ये फल लंबे समय तक रखने के बाद भी खराब नहीं होते हैं।

गुड्डू, फल विक्रेता, डेली मार्केट

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कीवी : यह फल स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ज्यादा हरा रंग का कीवी खरीदने से बचें, क्योंकि हरे रंग के कीवी पके हुए नहीं होते हैं। इसके अलावा मजबूत और सूखा कीवी भी नहीं खरीदना चाहिए।

पैसन फ्रूट : अगर बाहरी त्वचा सिकुड़ी नजर आती है, तो इसका मतलब है कि यह पका हुआ है। ध्यान रहे कि अगर इस फल का वजन कम है या वो ज्यादा मजबूत है, तो उसे खरीदने से बचें।

एवोकैडो : डार्क कलर के एवोकैडो ग्रीन कलर की तुलना में ज्यादा पके हुए होते हैं। अगर एवोकैडो ज्यादा पका हुआ होता है, तो वह छूने में भी अधिक गीला लगता है, जो कि सही नहीं है। इसकी बाहरी परत पत्थर की तरह लगती है।

ऑलिव : यह हरे, बैंगनी रंग के छोटे-छोटे बेर जैसे होते हैं। अक्टूबर से जनवरी के बीच इनका रंग काला हो जाता है। आप इन्हें दो महीनों तक स्टोर भी कर सकते हैं।

कमक्वाट : यह छोटे किस्म का फल है, जो कि आकार में जैतून के समान है। यदि आप अनार से ऊब गए हों तो यह उसकी जगह ले सकते हैं। इस फल में विटामिन सी, पोटेशियम के साथ-साथ विटामिन ए भी है।

लैगन : यह एंटी ऑक्सीडेंट से भरा अद्भुत फल है।

केरम्बोलास : यह फल बिल्कुल पीले रंग के एक स्टार की तरह लगता है। यह एक विदेशी फल है, जो पोटैशियम और विटामिन सी से भरपूर है।

Posted By: Jagran

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