विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रिश्वत लेने के मामले में रेलवे को दो अधिकारियों को तीन-तीन साल कारावास, CBI की अदालत में फैसला

Published: Mon, 14 Sep 2026 07:59 PM (IST)

रांची की सीबीआई विशेष अदालत ने पतरातू के दो पूर्व-मध्य रेलवे अधिकारियों, केके झा और राजेश्वरी सिंह को रिश्वत मामले ...और पढ़ें

ठेकेदार से बकाया बिल भुगतान के लिए रिश्वत लेने का मामला।

ठेकेदार से बकाया बिल भुगतान के लिए रिश्वत लेने का मामला।

HighLights

  1. रेलवे के दो पूर्व अधिकारियों को रिश्वत मामले में सजा।

  2. असिस्टेंट मैटेरियल मैनेजर और सीनियर डीएमई को तीन साल कारावास।

  3. ठेकेदार से बकाया बिल भुगतान के लिए मांगी थी रिश्वत।

राज्य ब्यूरो, रांची। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने सोमवार को रिश्वत के मामले में पूर्व-मध्य रेलवे पतरातू के दो तत्कालीन अधिकारियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वाले अधिकारियों में असिस्टेंट मैटेरियल मैनेजर केके झा और सीनियर डीएमई राजेश्वरी सिंह शामिल है।

अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सीबीआइ की ओर से पीपी खुशबू जायसवाल ने अदालत में पक्ष रखा। बताया कि रेलवे ठेकेदार नरेश कुमार सिंह ने वर्ष 2018 में दोनों अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

नरेश कुमार सिंह रेलवे को पार्ट्स की आपूर्ति करता था। आरोप था कि बकाया बिल के भुगतान के एवज में दोनों अधिकारियों ने उनसे कुल 62 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की रकम में 45 हजार रुपये राजेश्वरी सिंह और 17 हजार रुपये केके झा को दिया जाना था।

शिकायत के आधार पर सीबीआइ ने मामले का सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की। दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।