जागरण संवाददाता, रांची : रांची विवि के स्नातक सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा के अंतिम दिन सोमवार को प्रतिकुलपति प्रो. कामिनी कुमार औचक निरीक्षण करने के लिए संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज पंडरा पहुंची। उस समय पहली पाली की आ‌र्ट्स की इन्वायरामेंटल स्टडीज की परीक्षा चल रही थी। प्रोवीसी ने देखा कि कुछ परीक्षार्थी बरामदे में बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। प्रोवीसी ने फटकार लगाते हुए केंद्राधीक्षक डॉ. डीएल शर्मा से कुछ परीक्षार्थी को बाहर बैठाने का कारण पूछा तो कहा कि इन परीक्षार्थियों के पास प्रवेशपत्र नहीं, बल्कि रसीद था। इस कारण बरामदे में बैठाया था। कॉलेज में परीक्षार्थियों के बैग भी बरामदे में ही रखे हुए थे। प्रोवीसी ने कहा कि जगह है तो परीक्षार्थियों को कमरे में ही बैठाएं। वीसी ने भी कई केंद्रों का किया निरीक्षण

स्नातक की परीक्षा में एक बेंच पर पांच-पांच परीक्षार्थियों के बैठने तथा मोबाइल फोन के साथ परीक्षा में शामिल होने का मामला सामने आया था। ऐसी तस्वीर सामने आने के बाद सोमवार को वीसी डॉ. रमेश कुमार पाडेय और प्रोवीसी डॉ. कामिनी कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि सभी केंद्रों पर क्षमता के अनुसार परीक्षार्थी थे।

वीसी ने बिरसा कॉलेज खूंटी और जेएन कॉलेज धुर्वा का निरीक्षण किया। वहीं प्रोवीसी ने एसएस मेमोरियल कॉलेज, रामलखन सिंह यादव कॉलेज व एसजीएम पंडरा केंद्र का निरीक्षण किया।

इधर मौलाना आजाद कॉलेज के बीकॉम सत्र 2017-20 के पाच विद्यार्थी का सेकेंड सेमेस्टर में बैकलॉग लगा था। इन्होंने परीक्षा फार्म जमा किया था लेकिन प्रवेशपत्र जारी नहीं हुआ था। ये सभी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसके लिए प्राचार्य को अंडरटेकिंग देना पड़ा। जिनकी छूटी थी, वे हुए शामिल

15 फरवरी को सेकेंड सेमेस्टर के ईवीएस का पेपर था। इसमें प्रश्नपत्र कम पड़ जाने के कारण बिरसा कॉलेज खूंटी के 90 छात्र परीक्षा नहीं दे पाए थे। सोमवार को सभी परीक्षार्थी प्रथम पाली में ईवीएस पेपर की परीक्षा में शामिल हुए।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस