जागरण संवाददाता, रांची : आज कल ऑनलाइन शापिंग कंपनी में कस्टमर्स को अपनी तरफ अट्रैक्ट करने के लिए बड़े-बड़े डिस्काउंट्स दिए जा रहे हैं। पहले ये ऑफर केवल फेस्टिव सीजन में ही मिलते थे, लेकिन अब ये पूरे साल किसी न किसी बहाने से ऑफर मिलते रहते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अब ऑनलाइन शॉपिंग को तरजीह देने लगे हैं। ऐसे लोगों की संख्या भी अच्छी खासी है जिनके लिए ऑनलाइन शॉपिंग करना एक आदत या लत बन चुकी है। लोग मार्केट में जाने से कतराने लगे हैं। इससे लोकल मार्केट की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगता है। इसके साथ ही एक रिसर्च में पाया गया है कि ऑनलाइन शॉपिंग की यही लत एक तरह की मानसिक बीमारी है। इस बीमारी को बायइंग शॉपिंग डिसऑर्डर (बीएसडी) कहते हैं।

बीएसडी से पीड़ित में ऑनलाइन शापिंग की तीव्र इच्छा होती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति जितना अफोर्ड कर सकती है उससे भी ज्यादा की खरीददारी करने लगता है। इस वजह से व्यक्ति को आर्थिक तंगी हो जाती है, परिवार में समस्याएं होने लगती है और घर में बेवजह का सामान भी इकट्ठा होने लगता है। इस बदलते परिवेश में लोगों में फैल रहे अवसाद की ये भी एक वजह है। इसके साथ ही ये भी रिसर्च में सामने आया है कि पुरुषों से ज्यादा महिलाएं इस बीमारी का शिकार हो रही हैं।

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क्यों करते हैं लोग ऑन लाइन शापिंग पसंद-

- स्ट्रेस से बचने के लिए-

कई बार लोग घरों में अकेले होते हैं या किसी बात से स्ट्रेस में हो तो ऑनलाइन शापिंग की साइट देखते हैं। साइट पर नई-नई चीजों को देखकर दिमाग स्ट्रेस से हट जाता है। मगर धीरे धीरे करके ये लोगों की आदत बन जाती है।

- कैश ऑन डिलीवरी -

ऑनलाइन सामानों को ऑर्डर करते समय कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन मिलता है। इसे सामान ऑर्डर करते वक्त पैसे देने की झंझट नहीं होती। लोगों को इससे सामान लेने में सुविधा होती है। वहीं क्रेडिट कार्ड से पेमेंट भी लोगों में इस लत को बढ़ावा दे रहा है।

-लोग ऑफर को देखकर खरीदारी कर लेते हैं। बाद में धीरे-धीरे करके लोगों की इसकी लत लग जाती है।

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डॉक्टरों की सलाह

- फोन में ऑनलाइन शॉपिंग एप न रखें

- एप की जरुरत पड़े तो उसी समय डाउनलोड कर फिर डिलीट कर दें

- जिस एकाउंट में पैसा है, उसे ऑनलॉइन शॉपिंग से न जोड़ें

- शॉपिंग ऑडिट करें कि कितनी काम की खरीददारी की

- अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय ज्यादा बिताएं

- रिलेशनशिप में अगर कोई अनबन हो रही है तो उसे सॉल्व करें ---------------------

किसी भी चीज की लत बुरी है। इससे बचने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए। सबसे पहले तो इंटरनेट का प्रयोग ही जितनी जरुरत हो उतना ही करें। आजकल बीएसडी के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है। व्यक्ति को खुद इसकी पहचान कर सयम से अपनी आदतों से कंट्रोल करना होगा।

डॉ. एके नाग, मनोचिकित्सक

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