गुमला, जासं। गुमला के सिसई में कोरोना संक्रमण फैलाने की अफवाह में मंगलवार की रात सिसई में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसमें एक समुदाय के युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई, जबकि दोनों समुदायों के आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें दो लोगों का रांची के रिम्स में इलाज चल रहा है। घटना के दूसरे दिन बुधवार को भी सिसई में तनाव रहा। वहीं एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

वहीं आइजी नवीन कुमार सिंह, डीआइजी एवी होमकर, गुमला के एसपी अंजनी कुमार झा समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार इलाके में कैंप कर रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लोगों को घरों से निकलने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। पुलिस दोनों पक्षों से 22 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह दंडाधिकारियों को भी तैनात किया गया है। आइजी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर लिया गया है। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ लें एक्शन : डीजीपी

गुमला के सिसई में एक दिन पूर्व अफवाह के बाद फैले सांप्रदायिक तनाव में एक की हत्या के बाद डीजीपी एमवी राव ने सभी जिलों के एसपी व वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया है कि हिंसा भड़काने वालों के प्रति सख्त रवैया अपनाएं। सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के लिए डिजाइन की गई सोशल मीडिया सामग्री को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे अपराध करने वालों का पता लगाएं और उनके विरुद्ध कानून सम्मत कार्रवाई करें। इस तरह की वारदात को रोकने के लिए पूरी कोशिश करें।

दो-तीन दिनों से फैली थी अफवाह

बताया जाता है कि सिसई में दो-तीन दिनों से कोरोना का संक्रमण फैलाने को लेकर अफवाह फैली थी। इसी बीच मंगलवार की शाम बसिया रोड के अनिस आलम नामक दिव्यांग युवक चेकनाका के समीप कुदरा गांव में चला गया था। लोगों ने मुहल्ले में आने का कारण पूछते हुए उसकी जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने उसे सिसई रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। फिर रिम्स रेफर कर दिया गया।

समुदाय विशेष के युवक की पिटाई की खबर फैली तो कुछ लोगों ने दोनों समुदाय के लोगों के अलग-अलग गोलबंद होने की खबर फैला दी। इसके बाद सिसई खास बस्ती के लोग हरवे-हथियार लेकर सिसई बस्ती की ओर निकल पड़े। फिर चोर-चोर का शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुन दूसरे समुदाय के बोलबा उरांव, सोमरा उरांव, विवेक उरांव, भुवनेश्वर उरांव, जतरु उरांव आदि भी पहुंच गए। उनके पहुंचते ही सिसई खास बस्ती के लोगों ने घातक हथियारों से उनपर हमला बोल दिया।

इस बीच विवेक उरांव, भुवनेश्वर उरांव और जतरू उरांव किसी तरह भाग निकले, लेकिन बोलबा उरांव और सोमरा उरांव हमलावरों के बीच घिर गए। हमलावर दोनों की पिटाई करने लगे। पिटाई के क्रम में ही सोमरा उरांव घायल अवस्था में किसी तरह खुद को छुड़ाकर भागे, जबकि बोलवा उरांव पर भीड़ ने लाठी, बरछा, तलवार आदि से वार कर दिया। घटना की सूचना पाकर जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा पहुंची और घायल बोलबा उरांव को सिसई रेफरल अस्पताल पहुंचाया। इलाज के क्रम में ही बोलबा की मौत हो गई। घायल सोमरा को इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया। घटना को लेकर दूसरे दिन भी इलाके में तनाव रहा।

कोरोना संकट को देखते हुए लोग अफवाह न फैलाएं और न ही उस पर ध्यान दें। यदि कोई सूचना मिलती है तो उसकी जानकारी थाना और नियंत्रण कक्ष को दें। सिसई को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। जरूरत के  सामान के लिए पुलिस और प्रशासन को जानकारी दें। समान घर तक पहुंचा दिया जाएगा।  - नवीन कुमार सिंह, आइजी।

कोरोना को लेकर अभी भी लोगों में जागरुकता की कमी है। लोग लॉकडाउन का पालन भी नहीं कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में बुधवार को गुमला में एक व्‍यक्ति की जान चली गई। गुमला जिले के सिसई में पहली बार दो समुदायों के बीच कोरोना और लाॅकडाउन के कारण हुए मारपीट में एक समुदाय के बोलबा उरांव की मौत हो गई। इस घटना में पांच लोग घायल हुए हैं। उनमें से दो लोगों का इलाज रिम्स में चल रहा है। रिम्स में इलाज करवा रहे दोनों लोग खतरे से बाहर बताए गए हैं। आइजी नवीन कुमार सिंह और डीआइजी एबी हाेमकर के साथ गुमला के एसपी अंजनी कुमार झा इलाके में मंगलवार की देर रात से लगातार कैंप किए हुए हैं।

ऐसे हुई घटना की शुरुआत

पिछले दो-तीन दिनों से कोरोना वायरस को लेकर गुमला जिले में अफवाहों का बाजार गर्म था। प्रशासन की अपील पर अफवाह फैलाने वाले बाज नहीं आ रहे थे। मंगलवार की शाम बसिया रोड का अनिश आलम नामक युवक चेकनाका के समीप कुदरा गांव में चला गया था। वह दिव्यांग है। लोगों ने उससे मुहल्ले में आने का कारण पूछा और उसे कोरोना वायरस तथा लाॅकडाउन के कारण घर के बाहर घूमने से मना किया। उसने लोगों की बात नहीं मानी। इसी बात पर बहस हो गई।

उसके बाद अनिश आलम की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। इससे वह घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसे सिसई रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। उसे चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया। इस घटना की जानकारी जंगल में आग की तरह फैल गई। सिसई बस्ती के कुछ लोग भाग कर सिसई खास बस्ती में आए और अपने समुदाय के लोगों को बताया कि सकरौली, भदौली, नगर आदि से काफी संख्‍या में लोग उन लोगों को मारने आ रहे हैं।

अचानक मोबाइल की लाइट बड़ी संख्या में जलता हुआ दिखाई देने लगा। सिसई खास बस्ती के लोग भी जमा हो गए और अपने हाथों में हरवे-हथियार लेकर सिसई बस्ती की ओर निकल पड़े। निकलने वाले लोगों ने साजिशन चोर-चोर का शोर मचाना आरंभ कर दिया। चोर-चोर की आवाज सुनकर दूसरे समुदाय के बोलबा उरांव, सोमरा उरांव, विवेक उरांव, भुवनेश्वर उरांव, जतरु उरांव आदि भी पहुंच गए। उन लोगों के घटनास्थल के समीप पहुंचने पर सिसई खास बस्ती के लोगों ने घातक हथियार से उन पर हमला बोल दिया।

हमले के क्रम में विवेक उरांव, भुवनेश्वर उरांव और जतरु उरांव अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले। लेकिन बोलबा उरांव और सोमरा उरांव हमलावरों की चपेट में आ गए। सोमरा उरांव भी घायलावस्था में बड़ा तालाब की ओर भागा। जबकि बोलवा उरांव पर भीड़ ने लाठी, बरछा, तलवार आदि से वार कर दिया। फिर भी वह घिसटता हुआ अपने घर के पास आया और बोला कि उसे अस्पताल ले चलो, नहीं तो बच नहीं पाएंगे।

घटना की सूचना पाकर जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा पहुंची और घायल बोलबा उरांव को सिसई रेफरल अस्पताल पहुंचाया। इलाज के क्रम में ही बोलबा ने दम तोड़ दिया। जबकि घायल सोमरा को इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया। घटना की नजाकत को समझते हुए पुलिस ने पूरे सिसई को अपने कब्जे में ले लिया है। सभी थानों की पुलिस को बुलाया गया है और सिसई पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। पुलिस ने पूछताछ और शक के आधार पर फिलहाल एक दर्जन लोगों को अपने कब्जे में लिया है। इलाके में स्थिति तनावपूर्ण किंतु नियंत्रण में है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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