रांची, प्रदीप सिंह। कई नीतिगत मसलों पर झारखंड की भाजपानीत गठबंधन सरकार से इतर राय रखने वाली ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन पार्टी (आजसू) पार्टी पर विपक्षी दलों की पैनी नजर है। विपक्षी खेमा लगातार इस कोशिश में है कि आजसू पार्टी का मोहभंग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हो। कई अवसरों पर विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने अलग-अलग मंचों से जहां आजसू प्रमुख सुदेश कुमार महतो को ऑफर किया है, वहीं कई गुपचुप और गाहेबगाहे उनसे मुलाकात भी करते रहे हैं। इसकी वजह यह है कि चुनावी मोर्चे पर थोड़ा बहुत पिछड़ने के बावजूद सुदेश कुमार महतो की पकड़ कम नहीं हुई है।

आजसू प्रमुख सुदेश कुमार महतो। 
महतो समुदाय के बीच उनका जनाधार और जलवा बरकरार है। जो विपक्षी दलों को आकर्षित करता है। विपक्षी कुनबा यह मानकर चल रहा है कि अगर सुदेश उनके साथ आकर मिलें तो भाजपा को जोर का झटका लगेगा। सुदेश स्थानीयता नीति, भूमि अधिग्रहण बिल, सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन समेत स्कूलों के विलय संबंधी नीतिगत फैसलों के विरोधी हैं। आजसू ने अपनी नाराजगी का इजहार करने में भी कभी कोताही नहीं की। आजसू प्रमुख हर मौके पर अपनी सोच सामने रखते रहे हैं। हालिया उपचुनाव में भाजपा के रूख से आजसू पार्टी में असंतोष भी है। पार्टी में कई स्तरों पर यह मंथन भी चल रहा है कि भाजपा से इतर राजनीतिक राह एक बेहतर विकल्प होगा। इससे पार्टी में नई जान आ सकती है। झारखंड नामधारी दलों को एक मंच पर लाने को लेकर हाल के दिनों में सक्रिय धड़ा नए सिरे से आजसू से संपर्क में जुटा है।

पूर्व सांसद सालखन मुर्मू। 

झारखंडी गठबंधन बने, शिबू करें नेतृत्व
भाजपा से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाले पूर्व सांसद सालखन मुर्मू इन दिनों नए अभियान में जुटे हैं। मुर्मू झारखंड दिशोम पार्टी और सेंगल अभियान चलाते हैं। उन्होंने झारखंडी गठबंधन की कल्पना की है। जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा समेत छोटे-छोटे झारखंड नामधारी दल होंगे। सालखन ने सुदेश महतो को लिखा है-आदिवासी-मूलवासी का अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी आज भयंकर संकट में खड़ा है। झारखंडी एकता बनाकर झारखंड और झारखंडियों को बचाने के लिए झारखंडी गठबंधन का प्रस्ताव बना है ताकि शिबू सोरेन के नेतृत्व में सारे झारखंड नामधारी दल और झारखंडी जनसंगठनों की एकजुटता से सत्ता हासिल किया जाए। इससे शहीदों के झारखंड का सपना साकार होगा। उन्होंने सुदेश महतो से आग्रह किया है कि वे झारखंडी के हित में इस प्रस्ताव पर विचार करें।

भाजपा नहीं खोना चाहती आजसू को
विपक्षी खेमे की तमाम कोशिशों से इतर सत्ताधारी भाजपा आजसू पार्टी संग गठबंधन बनाए रखने को तत्पर है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत भाजपा के वरीय नेता आजसू प्रमुख के संपर्क में अक्सर रहते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी अपने दौरे के क्रम में सुदेश महतो से मुलाकात की थी।