रांची, जासं । रांची एनएसयूआई झारखंड प्रदेश के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह के नेतृत्व में एनएसयूआई के एक प्रतिनिधिमंडल राज्य ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मिलकर मेडिकल, डेंटल ,नर्सिंग, पारा मेडिकल के छात्रों के समस्याओं से अवगत कराया। मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि अगर इसी तरह मेडिकल कॉलेजों को हमेशा लाकडाउन के समय बंद किया जाएगा तो शिक्षण कार्यक्रम में हमेशा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जो कि भविष्य के लिए बहुत घातक साबित होगा क्योंकि यह प्रोफेशन पूरी तरह प्रैक्टिकल एवं थ्योरी पर निर्भर है। ये डिजिटल माध्यम से संभव नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि राज्य में कोरोना महामारी ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा के प्रति जागरूक किया है। ऐसे में भविष्य के मेडिकल प्रोफेशनल को और अधिक जानकारी और कर्मठ होने की जरूरत है। मगर घर में बैठकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र किसी तरह से भविष्य की जरूरतों को न तो समझ सकते हैं, और न ही जरूरतों पर खड़ा उतर सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है कि मेडिकल स्टूडेंट्स के शिक्षण कार्यक्रम को जारी रखने की अनुमति शिक्षण संस्थाओं को प्रदान करें। इसमें मुख्य रूप से जिला संयोजक मुशर्रफ हुसैन, आकाश आदि ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की।