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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की नहीं जाएगी नौकरी, मार्च 2020 तक का मिला समय Ranchi News

By Sujeet Kumar SumanEdited By:
Published: Tue, 10 Sep 2019 07:24 PM (IST)

सीएम के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल के साथ पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता के बाद फरवरी व ...और पढ़ें

अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की नहीं जाएगी नौकरी, मार्च 2020 तक का मिला समय Ranchi News
अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की नहीं जाएगी नौकरी, मार्च 2020 तक का मिला समय Ranchi News

रांची, राज्य ब्यूरो। सरकार के आदेश के बावजूद 31 मार्च 2019 के बाद भी अप्रशिक्षित रहे पारा शिक्षकों की नौकरी फिलहाल बनी रहेगी। अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित होने के लिए 31 मार्च 2020 तक समय दिया गया है। एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री के प्रधान सुनील कुमार वर्णवाल की मंगलवार को हुई वार्ता में इस पर सहमति बनी। इस मौके पर यह भी तय हुआ कि मोर्चा की प्रमुख मांगों में से एक नियमावली के गठन के मसले पर 17 सितंबर को अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।

विधानसभा चुनाव की अधिसूचना से पूर्व कैबिनेट से इसे पारित करा लिया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक एवं प्रशासी पदाधिकारी भी इस वार्ता में शामिल हुए। प्रधान सचिव ने इस दौरान अप्रशिक्षित एवं नन सर्टिफाइड (एनसी अंकित) पारा शिक्षकों की सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त करने का निर्देश परियोजना निदेशक को दिया। साथ ही अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के रोके गए मानदेय के भुगतान का भी निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भारत सरकार इस मद में पैसा नहीं देगी तो राज्य सरकार इसे वहन करेगी।

इसके साथ ही  फरवरी तथा मार्च का मानदेय इसी सप्ताह भुगतान करने का निर्देश दिया। इधर, मोर्चा ने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए 12 सितंबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री की सभा में न्याय मांगने तथा 16 सितंबर से प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा की है। मार्चा की तरफ से बिनोद बिहारी महतो, संजय कुमार दुबे, हृषिकेश पाठक, प्रमोद कुमार, नरोत्तम सिंह मुंडा, दशरथ ठाकुर, मोहन मंडल व प्रद्युम्न कुमार सिंह आदि ने वार्ता में शिरकत की।