जागरण संवाददाता, रांची : झारखंड प्रदेश में मौजूद सभी वैध प्रदूषण जांच केंद्रों को दस दिनों के अंदर वाहन वेब पोर्टल में पंजीकृत कराने का निर्देश दिया गया है। यानि अब ऑनलाइन प्रदूषण जांच का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, इससे यह पता चल सकेगा कि शहर में कितने वाहनों को सर्टिफिकेट जारी किया गया है और कितने वाहनों के सर्टिफिकेट की तिथि वैद्यता फेल हो चुकी है। साथ ही परिवहन विभाग को भी इसकी अद्यतन जानकारी मिल सकेगी। सेंटर से जारी हुए सर्टिफिकेट के एवज में विभाग के खाते कितनी राशि आएगी, इसका भी पता लगाया जा सकेगा। अब तक विभाग को इसकी जानकारी नहीं है। इसे लेकर डीटीओ को भी बैठक कर संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

दरअसल कई सेंटर ऐसे भी थे, जो रजिस्टर बुक को भी मेटेन नहीं कर रहे थे। जबकि नियम है कि संबंधित पदाधिकारी को नियमित जांच करना है, ताकि सर्टिफिकेट जारी के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। इसका फायदा यह भी होगा, चाहकर भी कोई सेंटर गडबड़ी नहीं कर सकेगा।

पंजीकरण के दौरान उनका यूजर आइडी आइडी एक जेनरेट होगा। वाहन पर रजिस्टर करने के लिए केंद्र संचालक वाहन के लिंक पर जाएंगे, वहां रजिस्टर करने के लिए क्लिक करेंगे। इस दौरान मांगी कई जानकारियों को भरेंगे और दस्तावेज को अपलोड करेंगे। उनके सबमिट करने के पश्चात आवेदन संबंधित डीटीओ या एमवीआइ के पास चला जाएगा। वहीं, डीटीओ एवं स्टेट एडमिन द्वारा अनुमोदन करने ही उन्हें यूजर आइडी एवं पासवर्ड प्राप्त हो जाएगा। इससे ये होगा फायदा

वेबसाइट पर ही मौजूद रहेगा पोल्यूशन सर्टिफिकेट

ट्रैफिक पुलिस को दिखा सकेंगे ऑनलाइन पोल्यूशन सर्टिफिकेट

पोल्यूशन केंद्र रजिस्टर्ड है या नहीं, तुरंत पता चल सकेगा

सरकार को कितनी राशि मिलेगी, इसका पता एक क्लिक पर चल सकेगा

Posted By: Jagran

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