रांची(जासं) : आयुष्मान योजना को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि राज्य के लाभुकों को अस्पतालों में बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। इसमें अनाथ बच्चों को भी अब आयुष्मान भारत योजना के लाभ से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अभी तक कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को ही इसका लाभ देने की कवायद शुरू की गई थी। लेकिन अब पहले से भी अनाथ हुए बच्चों को भी इस लाभ के दायरे में लाया जाएगा, इससे राज्य के सभी अनाथ बच्चों का संपूर्ण इलाज इस योजना के माध्यम से हो सकेगा। बुधवार को रांची दौरे पर आए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आरएस शर्मा ने इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के लाभ से इस वर्ग को भी लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत इलाज में रांची की तारीफ करते हुए कहा कि रांची का मॉडल देशभर में लागू किया जाएगा। रांची ने इस संदर्भ में मिसाल कायम किया है।

उन्होंने बताया कि उन राज्यों के अस्पतालों को भी आयुष्मान योजना से जोड़ा जाएगा, जिनके यहां यह योजना लागू नहीं हो पाई है। इसमें पड़ोसी राज्य में से पश्चिम बंगाल और ओडिसा के अस्पतालों को लाने की योजना बनाई जा रही है। इसे लेकर आरएस शर्मा ने झारखंड आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक भुवनेश प्रताप सिंह को गाइडलाइन का मुआयना करने को कहा है। उन्होंने बताया कि बंगाल इलाज के मामले में हब है, यहां पर इस योजना के अंतर्गत अस्पतालों को जोड़ा जा सकता है जिससे यहां के लाभुकों को वहां भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह, झारखंड आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक भुवनेश प्रताप सिंह, रांची सिविल सर्जन डा विनोद कुमार, डा बीवी प्रसाद सहित अन्य मौजूद थे। उन्होंने रांची दौरे में सदर अस्पताल, रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल और रातू स्थित सीएचसी का दौरा कर योजना की स्थिति को जाना।

लाभुकों मरीजों को अब दवा खरीदारी के लिए ई-रुपये का मिलेगा वाउचर: आयुष्मान लाभुकों को अब निजी अस्पताल में इलाज करवाना और भी सस्ता होगा। मरीजों को अब तक निजी अस्पताल में दवा के लिए अलग से खरीदारी करनी पड़ रही है। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत इस समस्या को दूर करने की तैयारी है। इसमें अब भर्ती मरीजों को दवा खरीदने के लिए ई-रुपये का वाउचर सरकार देगी, जिसके माध्यम से मरीज दवाखाना से दवा की खरीदारी कर सकेगा। योजना के अंतर्गत हर दवा की व्यवस्था नहीं होने से मरीज व अस्पताल प्रबंधक को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बाहरी एजेंसी के माध्यम से मरीजों के बिल बनाने से लेकर भुगतान की व्यवस्था होगी : आयुष्मान योजना में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहल की जा रही है जिसमें अब मरीजों के बिल बनाने से लेकर अस्पतालों का भुगतान करने की व्यवस्था एजेंसी के माध्यम से करायी जाएगी। इसे लेकर टेंडर भी निकाला जा चुका है, जल्द ही ऐसी एजेंसी का चयन किया जाएगा जो इस पूरी योजना का लेखा-जोखा रखेगी। अस्पतालों द्वारा मरीजों के इलाज से लेकर बिल बनाने में एजेंसी अपनी भूमिका निभाएंगी ताकि कहीं फर्जीवाड़ा ना हो सके और इलाज व भुगतान सुगम हो सके।

Edited By: Kanchan Singh