रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए चार लाख रुपये देने की अनुशंसा की है। एक दिन पहले समिति के सभापति दीपक बिरुआ ने मानसून सत्र के अंतिम दिन प्राक्कलन समिति का प्रतिवेदन सभा पटल पर रखा था। झामुमो विधायक दीपक बिरुआ ने बताया कि हर वस्तु की कीमत बढ़ी है। बालू, सीमेंट, छड़, ईंट, गिट्टी महंगे हुए हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे घरों की लागत बढ़ गई है।

बीपीएल परिवार अपनी तरफ से 50 हजार से एक लाख रुपये देने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से चल रही पीएम आवास योजना के तहत बन रहे घरों की लागत 1.20 लाख रुपये से बढ़ा कर चार लाख रुपये की जाए, ताकि व्यावहारिक तौर पर घर बन सकें और लोग इसके लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि सूबे की सरकार राज्यांश बढ़ाने पर विचार कर सकती है। प्राक्कलन समिति में सदस्य के रूप में विधायक बैद्यनाथ राम, नारायण दास, लंबोदर महतो और अंबा प्रसाद मौजूद रहीं।

बिरुआ ने कहा कि चंदनक्यारी सहित कई स्थानों पर 20 से 25 लाख में बन सकने वाली पुलिया को कई करोड़ की लागत से बनाया जाता देखा गया है। इसे सरकारी धन के दुरुपयोग के तौर पर देखते हुए ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए। कई योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने पर भी उन्‍होंने चिंता जताई। कहा कि इनके संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कहा कि योजनाएं स्वीकृत होने के बाद पुनरीक्षित कराने का कई स्थानों पर चलन दिख रहा है। इसे रोका जाए।

Edited By: Sujeet Kumar Suman