रांची, राज्य ब्यूरो। सरकार ने निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा संचालित करने की अवधि निर्धारित कर दी है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए साल में कम से कम 200 दिन, जबकि छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 220 दिनों की कक्षाएं संचालित करना अनिवार्य होगा।

घंटे की बात करें तो यह क्रमश: 800 और 1000 प्रति शैक्षणिक सत्र होगा। इतना ही नहीं, सरकार ने शिक्षकों के लिए भी कार्यावधि तय कर दी है। उन्हें हर हफ्ते शैक्षणिक कार्यों पर कम से कम 45 घंटे देने होंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने राज्य के जिला अधीक्षकों को इस आशय का पत्र भेजा है।

प्रधान सचिव ने अपने पत्र के माध्यम से कहा है कि विभिन्न कार्यकलाप और कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की सहभगिता के कारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम में किए गए प्रावधान के अनुरूप पठन-पाठन नहीं हो पा रहा है। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और उनकी शैक्षणिक प्रगति मेंं ह्रास होने की आशंका बनी रहती है।

इधर, राज्य के 654 विद्यालयों को मॉडल बनाने की तैयारी है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों से इस बाबत 23 मई तक संबंधित विद्यालयों का निरीक्षण कर उसकी अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट में अध्ययनरत बच्चों और शिक्षकों की संख्या, मौजूदा आधारभूत संरचना, विद्यालय के रिकॉर्ड आदि शामिल करने के लिए कहा गया है।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman