रांची, [फहीम अख्तर]। पिपरवार किरीगड़ा जंगल की मैगजीन झाड़ी का इलाका घना जंगल है। वहीं से दोनों बच्चियां और एक बच्चा को अगवा किया गया। इसके बाद पत्थर से सिर कुचकर दोनों बच्चियों को मार डाला। घटनास्थल ऐसा है कि वहां दिन में भी जाने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस जंगल में चारों ओर से घने पेड़-पौधों की वजह से बच्चियों से हो रही क्रूरता के दौरान किसी ने शोर तक नहीं सुना। आरोपित के बयान के मुताबिक बच्चियों ने बचाओ-बचाओ का शोर किया। लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था।

आरोपित सोनू मोची उर्फ कारलूस तीन बच्चों में एक बच्ची को ढठौर फल खिलाने के नाम पर टीएच कॉलोनी स्थित मैदान के पास से बहला-फुसलाकर ले गया था। वहां किरीगड़ा जंगल के उत्तरी छोर पर दूसरी बच्ची और उसका आठ वर्षीय भाई लकड़ी चुन रहे थे। वहां से तीनों को अगवा कर लिया गया। वहीं आरोपित सोनू मोची शराब पी रहा था। शराब पीने के दौरान ही उसने बच्चियों से गलत करने की मंशा बना ली थी। इसके सभी बच्चियों को पूर्वी छोर में ले जाकर पत्थर से सिर कुचकर मार डाला।

जंगल के रास्ते ही ले गया तीनों को

आरोपित सोनू मोची ने बच्चियों को ढठौर फल खिलाने का झांसा दे उन्हें जंगल के रास्ते ही ले गया था। वहां पहले आठ वर्षीय बच्चे को उन बच्चियों से अलग कर दूसरी ओर ले गया। वहां अचानक सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। हमले के बाद बच्चा बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे एक रस्सी के सहारे गर्दन में फंसाकर घसीटा और जंगल के पास छोड़ दिया। इसके बाद दोनों बच्चियों के पास दुष्कर्म की नियत से पहुंचा। जहां बच्चियों द्वारा भाई के बारे में पूछने पर एक-एक कर दोनों को मार डाला।

घटनास्थल पर पसरा था खून, डाली काटकर दिया निशान

जहां बच्चे और दोनों बच्चियों की हत्या की गई, वहां खून पसरा था। घने जंगलों से गिरा होने की वजह से घटनास्थल के आसपास पेड़ की टहनियों को काटकर और तोड़कर निशान दिया गया है। ताकि वहां जांच के लिए पुलिस को पहुंचने में परेशानी न हो। फिर भी वहां पहुंचने के लिए पुलिस या ग्रामीण को जंगल के जानकार की मदद लेनी होगी। घटना के तीसरे दिन तक एफएसएल की टीम वहां नहीं पहुंची थी।

जंगल ऐसा कि वहां से निकला है मुश्किल

जंगल का इलाका ऐसा है कि वहां घुसने के बाद कोई भी रास्ता भटक सकता है। बदमाश ने बच्चियों से गलत करने की मंशा से ऐसे ही जगह पर ले गया, जहां से बच्चियां भागकर निकल नहीं सकती थीं। घटना के बाद बच्चियों को ढूंढने में ही 24 घंटे से ज्यादा समय लग गया था।

अपराधियों का रहता है जमावड़ा, हर तरफ शराब की बोतलें

पिपरवार किरीगड़ा मैगजीन जंगल में अपराधियों का जमावड़ा रहता है। वहां के उत्तरी छोर में शराबियों का जमावड़ा लगता है। चारों ओर शराब की बोतलें और चखना के पैकेट व प्लास्टिक बिखरे पड़े थे। बड़ी संख्या में ग्लास, चम्मच व कई ब्रांड की शराब की बोतलें बिखरी पड़ी हैं। वहां बैठने के लिए पत्ते भी बिछाकर रखे गए हैं। आसपास के ग्रामीण बताते हैं, वहां पुलिस भी नहीं पहुंचती।

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