रांची, [नीरज अम्बष्ठ]। भले ही झारखंड स्वास्थ्य सुधारों में पूरे देश में टॉप तीन राज्यों में शामिल हो गया हो, लेकिन खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने तथा लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में झारखंड का परफॉरमेंस थर्ड क्लास रहा है। भारत सरकार के फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआइ) ने खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के विभिन्न मानकों में राज्यों के प्रदर्शन का आकलन किया है, जिसमें झारखंड का प्रदर्शन तृतीय श्रेणी के समकक्ष रहा है।

फूड सेफ्टी इंडेक्स की यह पहली रिपोर्ट सात जून को जारी हुई है। इसमें कुल 100 अंकों में झारखंड को महज 33 अंक मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतों के निपटारे में ही झारखंड का प्रदर्शन कुछ बेहतर रहा है। इसमें निर्धारित कुल 30 अंकों में झारखंड को 12 अंक मिले हैं। बाकी सभी इंडेक्स में झारखंड का प्रदर्शन लचर रहा है। खाद्य पदार्थों की जांच के लिए उपलब्ध संरचनाओं की बात करें या फिर इसके लिए मानव संसाधन की उपलब्धता और उसका प्रशिक्षण, या फिर उपभोक्ताओं को जागरूक करना, सभी में झारखंड का प्रदर्शन खराब रहा है।

झारखंड को ओवरऑल 100 में 33 अंक मिले हैं। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन से झारखंड की तुलना करें तो झारखंड सभी राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है। सिर्फ केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप का ही प्रदर्शन झारखंड से खराब है, जिसे सौ में बाइस अंक मिले हैं। एफएसएसएआइ के सीईओ पवन अग्रवाल ने राज्य सरकार से इस रिपोर्ट को साझा करते हुए बताया है कि किसी भी राज्य से 60 फीसद से अधिक अंक की अपेक्षा की जाती है, लेकिन झारखंड इससे काफी पीछे है।

उन्होंने मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी को भेजे गए पत्र में स्टेट लेवल कमेटी के साथ इसकी समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। साथ ही प्रत्येक वर्ष सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर फूड सेफ्टी इंडेक्स रिपोर्ट जारी होने की जानकारी देते हुए रैंकिंग में सुधार के लिए पहल करने का सुझाव दिया है।

12 राज्यों को 60 फीसद से अधिक अंक

रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न पारामीटरों में सात राज्यों ने 75 फीसद से अधिक अंक प्राप्त किए। इनमें केरल, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा तमिलनाडु शामिल हैं। साथ ही पांच राज्यों ने 60 से 75 फीसद अंक हासिल किए। इनमें बिहार, जम्मू कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली शामिल हैं। दोनों श्रेणी के राज्योंं को क्रमश: लीडिंग व कैचअप अवार्ड दिया गया।

झारखंड को किसमें कितने अंक

इंडेक्स  कुल अंक  मिले अंक

मानव संसाधन की उपलब्धता  20  07

शिकायतों का निपटारा 30  12

खाद्य पदार्थों की जांच के लिए उपलब्ध संरचनाएं 20  08

ट्रेनिंग तथा कैपेसिटी बिल्डिंग 10  02

कंज्यूमर इम्पावरमेंट 20 04

कुल  100  33

फैक्ट फाइल

- झारखंड के एकमात्र फूड टेस्टिंग लेबोरेट्री में संसाधनों का घोर अभाव है।

- पदों का सृजन तो हुआ है, लेकिन नियुक्ति नहीं हो पाई है।

- राज्य गठन के बाद हाल ही में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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